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नोटबंदी के खिलाफ ममता का मार्च, बोलीं- अब ATM का मतलब 'आएगा तब मिलेगा' हो गया है

बुधवार को संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास टीएससी नेताओं ने काले शॉल ओढ़कर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया.

टीएमसी नेताओं का प्रदर्शन टीएमसी नेताओं का प्रदर्शन

500 और 1000 के नोट बंद करने के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला. मोदी सरकार द्वारा बड़े नोट बंद किए जाने के बाद से ही ममता बनर्जी मुखर होकर लगातार फैसले के खिलाफ बोल रही हैं. ममता ने कहा कि पहले एटीएम का मतलब 'ऑल टाइम मनी' था, लेकिन अब 'अाएगा तब मिलेगा' हो गया है. ममता ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि सरकार से बात करें और इस पर फैसला लें, जिससे देश में सामान्य स्थिति वापस आ सके.

ममता बनर्जी की 10 बातें...

1. स्‍टार्वेशन डेथ बढ़ रही है.

2. हमारे देश में प्‍लास्टिक इकोनॉमी नहीं है.

3. जनता क्‍या खाएगी और क्‍या पिएगी.

4. हमारे देश में एपिडेमिक बढ़ जाएगी.

5. अभी से करनी होगी हमें एक साल की प्‍लानिंग.

6. लॉ एंड ऑर्डर की समस्‍या पैदा हो गई है.

7. शांति से चल रहे देश में अशांति फैला दी.

8. जो लोग ईमानदार हैं, वो परेशान हैं.

9. मोहम्‍मद बिन तुगलक स्‍टाइल में कदम उठाया गया है.

10. कृषि क्षेत्र बर्बाद हो गया है.

इस मार्च में टीएमसी के अलावा शिवसेना, नेशनल कॉन्फ्रेंस और आम आदमी पार्टी ने हिस्सा लिया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मार्च में शामिल नहीं हुए. इससे पहले बुधवार को संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास टीएससी नेताओं ने काले शॉल ओढ़कर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया.

जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि होमवर्क थोड़ा कम हुआ है, इसलिए जहां संसद में सब एक साथ है वहां टीएमसी राष्ट्रपति से मिलने के लिए जा रही है. राष्ट्रपति से मिलने के मसले पर त्यागी ने कहा कि टीएमसी ने बाकी दलों से बातचीत की पर राष्ट्रपति से समय लेने के बाद. ममता जी ने नीतीश जी से भी बात कि है पर सबको साथ समय लेना चाहिए था.

सरकार के लिए उसके सहयोगी शिवसेना ने भी मुश्किलें खड़ी की हैं. शिवसेना ने यूं तो सोमवार को एनडीए की बैठक में एकजुटता का भरोसा दिया था, लेकिन उद्धव ठाकरे को ममता बनर्जी के फोन के बाद शिवसेना ने ऐलान कर दिया कि नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी मार्च में वह भी शामिल होगा. हालांकि मार्च में शिवसेना के शामिल होने पर केजरीवाल ने आपत्ति जताई है. केजरीवाल ने ममता बनर्जी से कहा कि विरोधी मार्च में शिवसेना शामिल हुई तो आप साथ नहीं देगी. केजरीवाल की शर्तों पर टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि ये बाकी दलों पर है कि वो क्या करते हैं, ममता ने जनता की समस्या उठाई है.

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