scorecardresearch
 

संसद में तीर-कमान लेकर पहुंचे शिवाप्रसाद, इस क्रांतिकारी की दिलाई याद

मौजूदा बजट सत्र में शिवाप्रसाद ने विरोध के अलग-अलग तरीकों को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी हैं. वह रोज नए-नए अवतार रखकर अपना विरोध जताते हैं.

Advertisement
X
संसद परिसर में शिवाप्रसाद
संसद परिसर में शिवाप्रसाद

संसद का बजट सत्र खत्म होने को आ रहा है और अब भी आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर टीडीपी सांसदों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार को टीडीपी सांसदों ने सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया था, जो सदन में रखा नहीं जा सका.

टीडीपी अपनी मांगों को लेकर सदन के भीतर और बाहर लगातार विरोध कर रही है, इसी कड़ी में टीडीपी सांसद एन शिवाप्रसाद आज स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू का वेश बनाकर में संसद पहुंचे. उनके हाथों में धनुष-वाण था और वह कंधे पर तरकश टांगे हुए दिखे.

मौजूदा बजट सत्र में शिवाप्रसाद ने विरोध के अलग-अलग तरीकों को लेकर हैं. वह रोज नए-नए अवतार रखकर अपना विरोध जताते हैं. संसद परिसर में मीडिया के कैमरों को शिवा की तलाश रहती है और विरोध के अनोखा तरीखा सभी को चकित कर रहा है.

Advertisement

इससे पहले भी चित्तुर से टीडीपी सांसद शिवाप्रसाद नए-नए तरीकों से सदन के बाहर अपना विरोध जता चुके हैं. कभी वो कृष्ण के अवतार में नजर आते हैं तो कभी बाबा साहेब में संसद पहुंचते हैं. यहां तक कि शिवाप्रसाद स्कूल बच्चे, तेलुगू महिला, मछुआरे के अवतार में भी संसद आ चुके हैं.

कौन थे सीताराम राजू

अल्लूरी सीताराम राजू स्वीधनता आंदोलन के नायक रह चुके हैं. राजू ने जंगलों में रहकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. राजू अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध करते थे और नल्लईमल्लई पहाड़ियों में छुप जाते थे. ब्रिटिश अफसर राजू से लगातार मात खाते रहे और आंध्र प्रदेश से लेकर केरल तक की पुलिस को उनके पीछे लगाया गया. आखिर में 7 मई 1924 को अंग्रेजों ने राजू को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें गोली मार दी गई थी.   

Advertisement
Advertisement