इस मामले को लेकर अरुणाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद तापिर गाव का कहना है, 'मैं सेना या उन लोगों को दोष नहीं देता जो क्षेत्र में गश्त लगा रहे हैं. सड़कें नहीं हैं, वे इस क्षेत्र तक कैसे पहुंच सकते हैं. मुझे सरकार पर भरोसा है. मैं चाहता हूं कि सरकार इस पर गौर करे, मैं भी इस पर गौर करूंगा. सड़कें बनाने की जरूरत है.'
चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा मानने का दावा लंबे समय से करता आया है. लेकिन हाल ही में चीन ने अपने एक नक्शे में पूरे जम्मू और कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया था. बीजिंग में बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के दूसरे समिट में चीन नक्शा प्रदर्शित कर रहा था. इसी में चीन ने पूरे जम्मू और कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा दिखाया था. इस नक्शे में भारत को भी BRI का हिस्सा दिखाया गया.
इससे पहले बीते साल अक्टूबर में डोकलाम विवाद के बाद चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमाओं में घुसने की कोशिश की थी. अरुणाचल प्रदेश की सीमा में चीनी सैनिकों ने दिवांग घाटी पास तंबू भी लगाए थे. हालांकि इस पर भारत के एक अधिकारी ने कहा था कि घुसपैठ की खबर गलत है.
अधिकारी ने कहा था कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर कुछ भ्रम थे, जिसे दूर कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि चीनी सैनिकों को जब एलएसी के बारे में पूरी जानकारी दी गई, तो वे अपनी सीमा में लौट गए.
चीन लद्दाख के बुर्तसे और ट्रैक जंक्शन पोस्ट ट्रिग हाईट और डेपसांग इलाके में भी घुसपैठ की कोशिश करता रहा है. लद्दाख के ट्रिग हाईट और डेपसांग का ये इलाका भारत के लिए रणनीतिक तौर पर काफी महत्व रखता है. यही वजह है कि चीन यहां कब्जा करने की कोशिश में रहता है और बार-बार घुसपैठ के प्रयास करता है.