भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर पार्टी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं पार्टी कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत मामले में जांच के आदेश नहीं देने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पूरा देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत की जांच की मांग कर रहा था. लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जांच पड़ताल का आदेश नहीं दिया था. इतिहास इसका गवाह है. लेकिन डॉ. मुखर्जी का बलिदान बेकार नहीं जाएगा.
जेपी नड्डा ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक और हमारे पथ प्रदर्शक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने जीवन में जो कार्य किए वो उस समय से बहुत आगे के थे. उन्हीं के प्रयासों से ही आज पश्चिम बंगाल और कश्मीर भारत के अभिन्न अंग हैं. देश डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को सदैव स्मरण करता रहेगा.
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में दिवंगत नेता की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद जेपी नड्डा ने जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस को निशाने पर लिया.
BJP National President and Home Minister Shri , BJP Working President Shri pay tributes to Dr Syama Prasad Mookerjee on his Martyrdom Day at BJP Headquarters.
— BJP (@BJP4India)
रहस्य है श्याम प्रसाद मुखर्जी की मौत
बता दें कि डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी का आज के ही दिन देहांत हुआ था. उनकी मौत आज भी एक रहस्य ही है. 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के एक प्रतिष्ठित परिवार में डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ था. उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी शिक्षाविद् थे. डॉ. मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे.
संसद में अपने भाषण में मुखर्जी ने धारा-370 को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत की थी. अगस्त 1952 में जम्मू की विशाल रैली में उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त किया था कि या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त कराऊंगा या फिर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर दूंगा.