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ये सात कंपनियां ही बेच सकती हैं पास्ता

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने कहा कि केवल सात कंपनियों के नूडल्स और टेस्टमेकर के साथ पास्ता को भारत में बेचने की अनुमति है. नूडल्स के सभी स्वीकृत किस्मों की जांच के आदेश दिए गए हैं.

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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने कहा कि केवल सात कंपनियों के नूडल्स और टेस्टमेकर के साथ पास्ता को भारत में बेचने की अनुमति है. नूडल्स के सभी स्वीकृत किस्मों की जांच के आदेश दिए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, जिन को मंजूरी दी गई है, उनमें रुचि इंटरनेशनल (कोका), सीजी फूड्स (वाईवाई), ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (फूडल्स), नेस्ले (मैगी), एए न्यूट्रीशिन (यमी), इंडो निसिन (टॉप रैमन) और आईटीसी शामिल हैं.

सभी स्वीकृत श्रेणियों की जांच का आदेश देते हुए एफएसएसएआई ने कहा कि इनमें अन्य उत्पादों की सुरक्षा का आकलन नहीं किया गया है. ये सभी अनधिकृत और गैरकानूनी हैं. मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं है.

ब्रांड के एंबेसडर के खिलाफ कार्रवाई नहीं
एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी निदेशक युद्धवीर सिंह के मुताबिक, की जा रही है. अन्य खाद्य उत्पादों को बाजार से वापस लेने या इन्हें नष्ट करने की सलाह दी गई है. इस हफ्ते से पास्ता और मैक्रोनी जैसे नूडल ब्रांड की भी जांच शुरू की जाएगी.

मैगी वापस करें उपभोक्ता
मैगी वापस लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को खुदरा चाहिए. यदि उनके पास बिल है तो वह अपने पैसे भी वापस ले सकते हैं. यह नेस्ले की जिम्मेदारी है कि वह उपभोक्ताओं को उत्पाद वापस करने दे.

बताते चलें कि मैगी के नमूनों की जांच के बाद देशभर से मैगी की वापस लेने का निर्देश दिया गया है. नेस्ले से मैगी का उत्पादन और निर्यात रोकने को कहा गया है. इसके साथ ही नेस्ले के ओट नूडल्स और टेस्टमेकर के लिए भी समान आदेश जारी किए गए हैं. वहीं, नेस्ले अपने रुख पर अड़ा हुआ है.

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