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उत्तराखंड में मंदाकिनी के तेज बहाव में बहे एसडीएम

उत्तराखंड में प्रकृति का प्रकोप जारी है. बुधवार को केदारनाथ में साफ-सफाई के कामों का जायजा लेकर लौट रहे एसडीएम अजय अरोड़ा मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में बह गए हैं.

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केदारनाथ
केदारनाथ

उत्तराखंड में प्रकृति का प्रकोप जारी है. बुधवार को केदारनाथ में साफ-सफाई के कामों का जायजा लेकर लौट रहे एसडीएम अजय अरोड़ा मंदाकिनी नदी के तेज बहाव में बह गए हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि घटना के समय अरोड़ा केदारनाथ में चल रहे राहत और सफाई कार्य का जायजा लेने के बाद मंदाकिनी नदी पर बने पैदल पुल से गरूड़चट्टी बेस कैंप वापस आ रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वह सीधे नदी में जा गिरे. एसडीएम की तलाश जारी है, लेकिन उनके बचने की संभावना कम ही जताई जा रही है, क्‍योंकि भारी बारिश के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है.

राज्य आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र (डीएमएमसी) के अनुसार, भारी बारिश से दर्जन भर से ज्यादा मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है. एक अन्य हादसे में देहरादून जिले के राजपुर क्षेत्र में तड़के तेज बारिश के बाद एक झोपड़ी के उपर पहाड़ी का मलबा गिर जाने से उसमें सो रहे एक परिवार के चार सदस्यों की मृत्यु हो गयी.

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गौरतलब है कि उत्तराखंड में आयी भीषण आपदा को एक महीने से ऊपर होने के बावजूद, खराब मौसम के चलते केदारनाथ में फैले मलबे को हटाने और पुनर्निर्माण और पुनर्वास का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है.

एक अधिकारी ने बताया कि मलबा हटाने के लिये केदारनाथ रवाना किये जरूरी भारी उपकरण खराब मौसम के कारण अभी भी केदारनाथ के रास्ते गुप्तकाशी में ही फंसे पड़े हैं. उनके मुताबिक रूद्रप्रयाग जिले में 3581 मीटर की उंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह और अंदरूनी भागों की सफाई तो पूरी की जा चुकी है, लेकिन क्षेत्र से मलबा हटाने का कार्य मशीनों के वहां पहुंचने पर ही प्रारंभ हो पायेगा.

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