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प्राइवेट स्कूल का प्रॉफिट मोटिव बहस का विषय है: जावड़ेकर

स्कूल कैसे सेटअप किए जाएं. प्रॉफिट कैसे होगा–फाउंडेशन और चैरिटेबल—दोनों प्राइमरी और हायर एजुकेशन.

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मेल टुडे समिट में प्रकाश जावड़ेकर
मेल टुडे समिट में प्रकाश जावड़ेकर

मेल टुडे एजुकेशन समिट पर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश में शिक्षा का प्रॉफिट मोटिव नहीं होना चाहिए. जावड़ेकर का यह बयान इंडिया टुडे के ग्रुप चेयरमैन अरुण पुरी के सवाल पर आया. अरुण पुरी ने केन्द्रीय मंत्री से सत्र के दौरान पूछा कि देश में प्राइवेट स्कूल सेटअप करने की प्रक्रिया पर सरकार का क्या सोचना है और निजी क्षेत्र में स्कूल खोलने पर प्रॉफिट मोटिव पर सरकार की क्या राय है.

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश में सरकारी स्कूल के दो मॉडल केन्द्रीय स्कूल और नवोदय विद्यालय सीबीएसई के स्कूलों से ज्यादा अच्छे नतीजे दे रहे हैं. वहीं प्राइवेट स्कूल का यह मतलब नहीं है कि सभी प्राइवेट स्कूल अच्छे होते हैं. जावड़ेकर ने कहा कि जहां मौजूदा समय में सरकारी स्कूलों में प्रति स्टूडेंट कॉस्ट ऑफ एजुकेशन 2000 रुपये है वहीं देश में ऐसे प्राइवेट स्कूल हैं जो महज 300 से 400 रुपये प्रति माह की फीस पर क्वॉलिटी एजुकेशन मुहैया करा रहे हैं.  

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जावड़ेकर ने कहा कि भारत में शिक्षा का इतिहास अंग्रेजों के समय से देखने की जरूरत है. गुलामी के दौर में हमने शिक्षा पर जोर देना शुरू किया जिससे आजाद होने के साथ-साथ देश को चलाने के लिए हम तैयार हो सके. इस समय से लेकर मौजूदा समय तक देश में स्कूलों की नींव चैरिटी के आधार पर रखी गई.

इस तथ्य के साथ केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दलील दी कि अब देश में प्राइवेट स्कूल बढ़ रहे हैं. लेकिन इन स्कूलों का प्रॉफिट मोटिव रखना एक बड़ी बहस का विषय है. इस विषय पर पूरे समाज को बहस में हिस्सा लेने की जरूरत है. वहीं क्या प्राइवेट स्कूल को मुनाफे के आधार पर चलाया जाना चाहिए के सवाल पर सरकार का सीधा जवाब है कि शिक्षा का प्रॉफिट मोटिव नहीं होना चाहिए.  

केन्द्रीय मंत्री के इस बयान पर अरुण पुरी ने पूछा कि क्या सिर्फ समाजसेवा के आधार पर स्कूल चलाने से देश में मीडिऑक्रिटी को बढ़ावा नहीं मिल रहा है. इसके जवाब में जावड़ेकर ने कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है क्योंकि सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि लोग प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए आ रहे हैं.

गौरतलब है कि इंडिया टुडे समूह के अखबार मेल टुडे ने दिल्ली में एजुकेशन एंड स्किल समिट के सातवें संस्करण का आयोजित किया गया. इस समिट के पहले सत्र शिक्षा और रोजगार में केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावाड़ेकर ने शिरकत की. सत्र का संचालन इंडिया टुडे समूह के एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेन्गप्पा ने किया.

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