scorecardresearch
 

नेताओं की रिश्तेदारी से बनते बिगड़ते राजनीति के समीकरण

पहले सियासत की यारी थी, अब रिश्तेदारी होने जा रही है. सपा मु‍खि‍या मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव की बेटी राज लक्ष्मी की शादी होने जा रही है.

Advertisement
X

 पहले सियासत की यारी थी, अब रिश्तेदारी होने जा रही है. सपा मु‍खि‍या मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव की बेटी होने जा रही है.

तेज प्रताप मुलायम के बड़े भाई स्वर्गीय रतन सिंह यादव के पोते हैं और हाल ही में मुलायम की खाली की गई मैनपुरी सीट से सांसद चुनकर आए हैं. मोदी के खिलाफ लालू मुलायम तो पहले से ही की बात कर रहे थे, अब इस रिश्तेदारी की खबर से घर वाले भी खुश हैं, पार्टी वाले भी.

कुछ समय से लालू को लेकर मुलायम का लहजा भी काफी नरम रहा है. तीन नवंबर को अपने राजनीतिक गुरु चौधरी नत्थू सिंह की पुण्यतिथि पर सपा मुखिया ने चारा घोटाले में लालू के जेल जाने पर अफसोस जताया था. पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि 1997 में भी लालू अपने परिवार का रिश्ता मुलायम परिवार से जोड़ना चाहते थे, लेकिन तब किन्हीं कारणों से बात नहीं बनी थी. उस वक्त चर्चा मुलायम के बेटे अखिलेश को लेकर थी.{mospagebreak}

Advertisement

यह होगा फायदा
केंद्र में मोदी सरकार के आने के साथ ही होने लगे है. बिहार में लालू-नीतीश और कांग्रेस का महागठबंधन बना और तीन पार्ट‍ियों ने विधानसभा उपचुनाव साथ लड़ा. लोकसभा चुनाव में गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस मोर्चा बनाने की कवायद फेल होने के बाद गया. मुलायम की कोशिशों से बने इस मोर्चे की बैठक में लालू भी शरीक हुए.

अब लालू-मुलायम के परिवारों के जुड़ने से ओबीसी के लोगों को मजबूती मिलेगी. यूपी और बिहार में अलग-अलग राजनीतिक केंद्र होने का भरम भी दूर होगा. साथ ही पिछड़ों की राजनीति में आगे बढ़ रही नई पीढ़ी को भी मजबूत नेतृत्व मिलेगा.{mospagebreak}

सियासी माहौल भी बदलेगा
लालू और मुलायम के परिवारों के इस मंगल मिलन से क्या भी बदलेगी, इसको लेकर उठ रहे सवालों पर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बिहार में एक बार फिर लालू उभर रहे हैं और सपा भी उत्तर प्रदेश में मजबूत है. ऐसे में वह आगे साझा रणनीति से काम कर सकते हैं.

सात फेरे के बंधन के जरिये सियायत की गांठ जोड़ने का यह पहला मामला नहीं है. लालू की छठी बेटी अनुष्का की शादी हरियाणा की हुड्डा सरकार में बिजली मंत्री रहे कैप्टन अजय सिंह यादव के बेटे चिरंजीव राव से हुई थी.  इस शादी में तत्कालीन सीएम हुड्डा सहित कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, मुलायम सिंह यादव, पी चिदंबरम सहित तमाम सियासी हस्तियां मौजूद रहीं.{mospagebreak}

Advertisement

जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने भी अपनी बेटी की शादी हरियाणा में की है. शरद यादव की बेटी सुहासिनी की शादी हरियाणा जद(यू) के अध्यक्ष कमलवीर सिंह के बेटे राजकमल राव से हुई थी . शरद यादव की ससुराल भी हरियाणा में ही है. अपनी बेटियों का रिश्ता जोड़ने वाले बिहार के नेता हरियाणा की जनता और उनके राजनीतिक सरोकार से भी रिश्ता जोड़ने की कोशिश में थे लेकिन हाल में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी लहर ऐसी चली कि विपक्षी दल चारों खाने चित हो गए.

पायलट-सारा की प्रेम कहानी {mospagebreak}
दिग्गज कांग्रेसी स्वर्गीय राजेश पायलट का जम्मू-कश्मीर की सियासत में दबदबा रखने वाले अब्दुल्ला परिवार से पुराना रिश्ता रहा. राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट ने पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला की बेटी सारा से प्रेम विवाह किया. सचिन पायलट जब विदेश में पढ़ाई कर रहे थे तब उनकी दोस्ती सारा से हुई. हालांकि, अब्दुल्ला परिवार इस शादी के खिलाफ था. दोनों ने सादे समारोह में जनवरी 2004 में शादी की. उसी साल लोकसभा चुनाव में सचिन दौसा सीट से विजयी हुए. तब जाकर फारुख अब्दुल्ला ने सचिन पायलट को अपने दामाद के रूप में स्वीकार किया.

अमरिंदर-नटवर की रिश्तेदारी {mospagebreak}
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह भी रिश्तेदार हैं. नेहरू-गांधी परिवार के करीबी रहे नटवर सिंह अमरिंदर सिंह के बहनोई हैं. लेकिन अमरिंदर और नटवर के बीच रिश्ते में कड़वाहट उस वक्त सामने आई जब पूर्व विदेश मंत्री ने अपनी आत्मकथा ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ ’ में सोनिया और राहुल गांधी के बारे में सनसनीखेज खुलासे किए. उस वक्त अमरिंदर ने अमरिंदर सिंह ने कहा कि नटवर सिंह ने भरोसा तोड़ने वाला काम किया है.

Advertisement

मजीठिया और बादल का रिश्ता
पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के साले हैं. उनकी बहन और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल की शादी सुखबीर बादल के साथ हुई है.

राजनीति की गांठ तो अक्सर खुल जाती है लेकिन साते फेरे का फेर ऐसा है कि वो जिंदगी भर का मजबूत बंधन बन जाता है. लालू-मुलायम के बनते-बिगड़ते रिश्तों में इस फैसले से यकीकन मिठास भरेगी. भले ही लालू-मुलायम का राजनीतिक ग्रांड अलायंस बने न बने लेकिन पारिवारिक ग्रांड अलायंस बनाने की तैयारी शुरु हो चुकी है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement