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PM मोदी ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र, टैक्स से छूट खत्म करने की गुजारिश

प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में कहा है कि आपसे आग्रह है कि इस पुरस्कार की राशि पर टैक्स को लेकर कृपया वही प्रावधान लागू किए जाएं जिसे देश के करोड़ों करदाता स्वीकार करते हैं. टैक्स के तौर पर उनसे ली गई राशि राष्ट्र के निर्माण के काम आती है.

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PM नरेंद्र मोदी (फाइल)
PM नरेंद्र मोदी (फाइल)

  • ईनामी राशि में मिली छूट संबंधी आदेश निरस्त करने की PM की गुजारिश
  • PM को इस साल 22 फरवरी को सियोल शांति पुरस्कार से नवाजा गया
  • सियोल शांति पुरस्कार के लिए दुनियाभर से आए थे कुल 1300 नामांकन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सियोल शांति पुरस्कार के रूप में मिली 1.30 करोड़ की राशि पर लगने वाले टैक्स माफी के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया है. उन्होंने पत्र में लिखा कि पुरस्कार के रूप में मिली धन राशि पर दी गई छूट पर पुनर्विचार किया जाए.

मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ईनामी राशि में उन्हें मिली छूट संबंधी आदेश को निरस्त करने के लिए 11 अगस्त को ही यह पत्र लिखा था. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मुझे जानकारी मिली है कि सियोल शांति पुरस्कार के लिए 1.30 करोड़ रुपये की धनराशि के संबंध में वित्त विभाग ने एक आदेश पारित किया है जिसके तहत पुरस्कार राशि पर लगने वाले टैक्स को माफ कर दिया गया है.

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पीएम मोदी ने पत्र में आगे लिखा कि आपसे आग्रह है कि इस पुरस्कार की राशि पर टैक्स को लेकर कृपया वही प्रावधान लागू किए जाएं जिसे देश के करोड़ों करदाता स्वीकार करते हैं. टैक्स के तौर पर उनसे ली गई राशि राष्ट्र के निर्माण के काम आती है. इसलिए पुरस्कार राशि पर दी गई छूट पर पुनर्विचार करें और इसे इनकम टैक्स से मुक्त करने संबंधी आदेश को वापस ले लें.

फरवरी में शांति सम्मान से नवाजे गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस साल 22 फरवरी को सियोल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था. प्रधानमंत्री मोदी इस पुरस्कार से नवाजे जाने वाले 14वें व्यक्ति हैं और पिछले बार यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान को दिया गया था. इससे पहले जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल जैसी हस्तियां, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स और ऑक्सफैम जैसे प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय राहत संगठनों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है.

सियोल पुरस्कार समिति ने भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में उनके योगदान को मान्यता देते हुए और उनकी विशिष्ट आर्थिक नीतियां ‘मोदीनॉमिक्स’ को श्रेय और विश्व शांति के अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि, मानव विकास में सुधार और भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उनके योगदान को देखते हुए पीएम मोदी को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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सियोल शांति पुरस्कार के लिए दुनियाभर से कुल 1300 नामांकन आए थे. सियोल पुरस्कार समिति ने उनमें से 150 उम्मीदवारों को अलग किया गया. फिर इन 150 उम्मीदवारों में से प्रधानमंत्री मोदी का चयन किया गया. समिति ने पीएम मोदी को ‘द परफेक्ट कैंडिडेट फॉर द 2018 सियोल पीस प्राइज’ करार दिया. 24वें ओलंपिक खेलों की सफलता के उपलक्ष्य में साल 1990 में सियोल शांति पुरस्कार की स्थापना की गई थी.

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