प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की तारीफ की.
उन्होंने कहा, 'हमारे खिलाड़ियों ने देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक-के-बाद एक मेडल जीतते ही चले गए.' पीएम ने कहा, 'हर भारतीय को ये सफलता गर्व दिलाती है. पदक जीतना खिलाड़ियों के लिए गर्व और खुशी की बात होती ही है. ये पूरे देश के लिए, सभी देशवासियों के लिए अत्यंत गौरव का पर्व होता है.'
मंत्रालयों में समर इंटर्नशिप
पीएम मोदी ने बताया कि भारत सरकार के मंत्रालय मिलकर छात्रों के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम चला रहे हैं. इस प्रोग्राम का नाम 'स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप' है, जिसमें छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ भारत से जुड़े इस प्रोग्राम में जो छात्र-छात्राएं अच्छा काम करेंगे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा और सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे.
Are you ready to take part in the Swachh Bharat Summer internship?
— PMO India (@PMOIndia)
रमजान की बधाई
पीएम मोदी ने कहा, 'कुछ ही दिनों में रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है. विश्वभर में रमजान का महीना पूरी श्रद्धा और सम्मान से मनाया जाता है. रमजान में रोजे रखे जाते हैं और इसका सामाजिक पहलू ये है कि जब इंसान खुद भूखा होता है तो उसे दूसरे की भूख का एहसास होता है.
पीएम मोदी ने पैंगबर मोहम्मद साहब के संदेश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षा और उनके संदेश को याद करने का यह अवसर है. उनके जीवन से समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलना यह हमारी जिम्मेदारी बनता है.
We also remember Dr. Babasaheb Ambedkar.
Dr. Babasaheb Ambedkar was greatly influenced by Lord Buddha.
— PMO India (@PMOIndia)
पीएम ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा, 'एक बार एक इंसान ने पैगंबर साहब से पूछा-इस्लाम में कौन सा कार्य सबसे अच्छा है?' पैगंबर साहब ने कहा- 'किसी गरीब और जरूरतमंद को खिलाना और सभी से सदभाव से मिलना, चाहे आप उन्हें जानते हो या न जानते हो.'
जल संरक्षण सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी होनी चाहिए। Let us work towards water conservation : पीएम मोदी
— BJP (@BJP4India)
जल-संरक्षण को समझें जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने जल-संरक्षण करने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, 'क्या हमें नहीं लगता है कि जल-संरक्षण सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.
बता दें कि ' आकाशवाणी पर प्रसारित होता है. इसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के नागरिकों को संबोधित करते हैं. इसका पहला प्रसारण 3 अक्टूबर 2014 को हुआ था.