प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार दिल्ली इंडिया गेट के पास 'राष्ट्रीय समर स्मारक' राष्ट्र को समर्पित किया. यह स्मारक आजादी के बाद से देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले सैनिकों के सम्मान में बनाया गया है. स्मारक के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस की पुरानी सरकारों पर सेना को कमाई का साधन बनाने का आरोप लगाया तो पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा कि मोदी जी युद्ध स्मारक को राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां भारती के लिए बलिदान देने वालों की याद में निर्मित राष्ट्रीय समर स्मारक, आज़ादी के सात दशक बाद उन्हें समर्पित किया जा रहा है. राष्ट्रीय समर स्मारक की मांग कई दशक से निरंतर हो रही थी.
कांग्रेस पर आरोप
कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने राफेल का भी जिक्र किया. उन्होंने राफेल पर जवाब देते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया और कहा कि उनकी सरकार के दौरान हुए रक्षा सौदों में घोटाले हुए और सेना की अनदेखी की गई. पीएम मोदी ने कहा कि अब राफेल को रोकने की साजिश हो रही है.पीएम मोदी ने कहा, 'पहले सरकारों ने देश के वीर बेटे-बेटियों के साथ सैनिकों और राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया. यहां तक कि सेना के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं खरीदी गईं. लेकिन हमारी सरकार ने 2 लाख 30 हजार से ज्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदीं.' पीएम मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि पहले सरकारों ने अपनी कमाई का साधन बना लिया था.
O Bravehearts, you have fallen silent but these flames will sing your story forever !!
PM lights eternal flame at in under a shower of petals by helicopters
— PIB India (@PIB_India)
पीएम मोदी को कांग्रेस का जवाब
पीएम मोदी के हमले पर पलटवार करते हुए कांग्रसे ने कहा कि मोदी जी को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'आदरणीय मोदी जी, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक देश के जवानों की क़ुर्बानी का प्रतीक है. अपने शर्मनाक व्यवहार एवं चुनावी भाषण से इसे राजनीति का अखाड़ा मत बनाइए. अपने पद की गरिमा तो गिरा दी. अब वीरों की भूमि पर राजनीतिक गाली-गलौच बंद करें.'
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कि हम युद्ध स्मारक के साथ खड़े हैं. प्रधानमंत्री को बताना है कि हम अपने जवानों की जिंदगी कैसे बचाएंगे.
40 एकड़ में फैला स्मारक
पीएम मोदी ने 40 एकड़ में फैले युद्ध स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया. इसकी कुल लागत 176 करोड़ रुपए है. एक वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से इसकी डिजाइन चुनी गई. आजादी के बाद शहीद हुए 25,942 भारतीय सैनिकों के नाम यहां पत्थरों पर लिखे गए हैं. स्मारक की मुख्य संरचना को चार चक्रों के रूप में बनाया गया है, जिनमें से प्रत्येक सशस्त्र बलों के विभिन्न मूल्यों को दर्शाता है.
इसमें 21 परमवीर चक्र विजेताओं की प्रतिमा भी है. इसमें त्याग चक्र में 16 दीवारों का निर्माण किया गया है जहां 25,942 शहीदों को नमन किया जा सकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान इसका वादा किया था और 2015 में स्वीकृति दी. पहली बार 1960 में राष्ट्रीय समर स्मारक बनाने का प्रस्ताव सेना की ओर से दिया गया था.