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मांझी नहीं, नीतीश हैं महादलितों के नेता: केसी त्यागी

बिहार की सियासत बेहद दिलचस्प मोड़ लेती नजर आ रही है. एक ओर सीएम जीतनराम मांझी खुलकर 'बगावती' तेवर दिखला रहे हैं, तो दूसरी ओर उन्हें 'साधने' की कोशिशें भी तेज हो गई हैं.

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बिहार की सियासत बेहद दिलचस्प मोड़ लेती नजर आ रही है. एक ओर सीएम जीतनराम मांझी खुलकर 'बगावती' तेवर दिखला रहे हैं, तो दूसरी ओर उन्हें 'साधने' की कोशिशें भी तेज हो गई हैं.

जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि महादलितों के नेता जीतनराम मांझी नहीं, बल्कि नीतीश हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मांझी द्वारा बैठक बुलाया जाना उचित नहीं है.

जेडीयू में अंदरूनी कलह सतह पर आने के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बयान देने में देर नहीं लगाई. उन्होंने नीतीश कुमार को 'स्मार्ट मैन' बताते हुए कहा कि जेडीयू जो भी फैसला लेगी, आरजेडी उसमें साथ देगी.

मामला तब गरमाया, जब जीतनराम मांझी ने 20 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुलाने का ऐलान किया. सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें मिल रही हैं कि मुख्यमंत्री मांझी नीतीश कुमार कैंप के चार मंत्रियों को बर्खास्त तक कर सकते हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव 7 फरवरी को बिहार के सभी मंत्रियों और विधायकों की बैठक बुलाने का ऐलान कर चुके हैं. शरद यादव के द्वारा बैठक बुलाए जाने का जीतनराम मांझी ने विरोध करते हुए कहा कि यह असंवैधानिक है. हालांकि मांझी को हटाए जाने की कोश‍िश के विरोध में बिहार सरकार में मंत्री नीतीश मिश्रा और वृषणि‍ पटेल ने भी अपने सुर तेज कर दिए हैं. दोनों ही नेताओं ने शरद यादव की ओर से बुलाई गई इस बैठक में जाने से इनकार कर दिया है.

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