निर्भया मामले में अब नया मोड़ आ गया है. सुप्रीम कोर्ट निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन पर कल इन चैंबर सुनवाई करने को तैयार हो गया है. सुप्रीम कोर्ट में पवन की याचिका पर गुरुवार को सुबह 10.25 मिनट पर सुनवाई होगी. सर्वोच्च न्यायालय के छह जज इन चैंबर सुनवाई करेंगे.
दोषी पवन गुप्ता ने अपनी क्यूरेटिव पिटीशन में दलील दी है कि जब अपराध हुआ, उस समय वह नाबालिग था. वहीं, दोषियों के वकील ए. पी. सिंह ने फांसी पर रोक लगाने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया है. एडवोकेट ए. पी. सिंह ने दलील की कि दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट मे क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की है, जबकि दोषी अक्षय सिंह ने दया याचिका लगाई है.
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दोनों की ही याचिकाएं लंबित हैं. इस पर पटियाला हाउस कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब किया है. एपी सिंह की याचिका पर भी गुरुवार की दोपहर 12 बजे सुनवाई होगी. गौरतलब है कि निर्भया केस के दोषी पवन ने इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी. तब भी पवन ने अपराध के समय अपने नाबालिग होने की दलील देते हुए इसे ठुकराने के आदेश को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने तब पवन की याचिका खारिज कर दी थी.
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बता दें कि निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय को भी पत्र लिख फांसी पर रोक लगाने और सभी रिकॉर्ड अपने पास मंगवाने की अपील की थी. निर्भया के गुनहगारों को 20 मार्च के दिन सुबह 5.30 बजे फांसी दी जानी है. इससे पहले तीन बार कोर्ट से डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया के दोषी कानूनी दांव-पेंच के सहारे फांसी टलवाने में सफल रहे थे.