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निर्भया केस: दोषी पवन ने दाखिल की क्यूरेटिव याचिका, सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग

निर्भया केस में दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है. इस याचिका में पवन गुप्ता ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

  • दोषी पवन गुप्ता ने दाखिल की क्यूरेटिव याचिका
  • फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग

निर्भया केस के दोषियों की फांसी में लगातार देरी देखने को मिल रही है. वहीं अब दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की है. इस याचिका में पवन गुप्ता ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है.

दरअसल, निर्भया रेप केस के चार दोषियों की फांसी की तारीख नजदीक आ रही है. दिल्ली की एक अदालत ने नया डेथवारंट जारी करते हुए 3 मार्च की सुबह फांसी दिए जाने का ऐलान किया था. हालांकि इससे पहले भी डेथ वारंट जारी हुए लेकिन फांसी टलती रही.

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वहीं अब पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है. ऐसे में माना जा रहा है कि दोषियों की सांसों की मियाद थोड़ी और बढ़ सकती है. दरअसल, दोषी पवन गुप्ता ने अभी तक सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेविट याचिका नहीं लगाई थी और न ही राष्ट्रपति से दया की गुहार की है.

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वहीं वकील एपी सिंह का कहना है कि पवन गुप्ता ने अपनी याचिका में एक बार फिर घटना के वक्त नाबालिग होने की बात उठाई है. एपी सिंह का कहना है कि घटना के वक्त पवन 18 साल से कम उम्र का था.

तीन दोषियों की फांसी का रास्ता साफ

दूसरी तरफ इस मामले में केस के चार दोषियों मुकेश कुमार सिंह, विनय कुमार शर्मा, अक्षय और पवन गुप्ता को फांसी होनी है. चार में तीन दोषी मुकेश, विनय और अक्षय फांसी से बचने के लिए राष्ट्रपति के सामने दया याचिका भी लगा चुके हैं, लेकिन वो खारिज हो गई हैं. ऐसे में इन तीनों की फांसी का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है, इनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है.

क्या है निर्भया गैंगरेप केस?

दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. इस जघन्य घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.

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इस घटना में दोषियों ने पीड़िता के प्राइवेट में रॉड तक डाल दी थी. इस भयावह घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस घटना की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई थी. वहीं निर्भया के एक दोषी राम सिंह ने केस की सुनवाई के दौरान ही खुदकुशी कर ली थी.

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