नागालैंड के मोन शहर में भारी बारिश के बाद आए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.लगातार हो रही बारिश, पहाड़ियों से गिर रहा मलबा और तेज बहाव के कारण राहत और बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं.
जानकारी के मुताबिक, भूस्खलन की चपेट में करीब 10 से 15 घर आ गए. इनमें कई पक्के मकान भी शामिल हैं, जो मलबे में दब गए या बह गए. हादसे के बाद असम राइफल्स, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और नागालैंड पुलिस की टीमें राहत और बचाव अभियान चला रही हैं. हालांकि, खराब मौसम और लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से अभियान प्रभावित हो रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, मलबे से अब तक एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद किया गया है. बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है, जबकि पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं.
नागालैंड स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट प्राधिकरण के संयुक्त मुख्यकार्यकारी अधिकारी जॉनी रोंगमेई ने बताया कि रविवार सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन गई. प्रभावित इलाकों से कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी किनारों और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है.
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
जिला प्रशासन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, पुलिस और असम राइफल्स मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं. उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने भी घटना पर शोक जताते हुए कहा कि लोगों की मदद के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.