भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कार्यकारिणी बैठक के दौरान उनकी अंदरूनी कलह जगजाहिर हो चुकी है. गोवा में चल रही बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के पहले दिन पार्टी पर नरेंद्र मोदी के नाम के एलान को रोकने का काफी दबाव है. इन सबके बीच मोदी रविवार को दोपहर 3 बजे कार्यकारिणी को संबोधित करेंगे.
बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, 'नरेंद्र मोदी रविवार दोपहर 3 बजे कार्यकारिणी को संबोधित करेंगे.' उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'सरकार आंतरिक सुरक्षा में नाकाम रही है, सरकार की विदेश नीति भी कमजोर है. वहीं नक्सलवाद से लड़ाई में सरकार नाकाम रही है. नक्सलियों के खिलाफ ठोस नीति नहीं है.'
सीतारमन ने कहा, 'हम आडवाणी के घर के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन से बीजेपी को अलग करते हैं. इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी के लोग शामिल नहीं थे.'
वहीं सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने तीन मुख्यमंत्रियों से मोदी के विषय में बात की. सभी मोदी को लेकर फैसला लेने के समर्थन में हैं. नितिन गडकरी ने करीब 50 मिनट तक मोदी से बात की. इसके अलावा राजनाथ सिंह ने आरएएस नेताओं से भी मुलाकात की.
आडवाणी के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन पर राउत ने कहा, 'किसी को भी आडवाणी के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का हक नहीं है. वह भारतीय राजनीति का एक मजबूत स्तंभ हैं. आडवाणी के घर के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन का शिवसेना विरोध करती है.' उन्होंने कहा, 'बीजेपी 2014 चुनाव के लिए अपना नेता चुनने के लिए आजाद है लेकिन जब बात एनडीए की हो तो हमसे बात करना भी जरूरी है.'
बीजेपी में दिखने लगी महाफूट
2014 के लिए महामंथन करने गई बीजेपी में महाफूट दिखाई दे रही है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आडवाणी समेत बीजेपी के कई बड़े नेता नहीं पहुंचे हैं. हालांकि बीजेपी सबकी अलग-अलग वजह बता रही है, लेकिन हर कोई जानता है कि बिना आग के कभी धुआं नहीं उठता.
मिशन 2014 के लिए बीजेपी ने महामंथन तो शुरू किया, लेकिन आडवाणी के बिना. पार्टी सूत्रों के मुताबिक आडवाणी मोदी के नाम पर नाराज थे, इसलिए बैठक में नहीं पहुंचे और हवाला दिया खराब सेहत का. हालांकि एक दिन पहले तक बीजेपी बैठक में आडवाणी के आने का दावा कर रही थी. खुद पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि आडवाणी आएंगे, लेकिन मतभेद इतने बड़े हो गए, दरारें इतनी बढ़ गईं कि आडवाणी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से किनारा कर लिया.
नहीं पहुंचे कई दिग्गज
बात आडवाणी की नाराजगी पर ही खत्म नहीं हुई. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के शुरू होने से पहले ही कई पार्टी नेताओं के ना आने की खबर आ चुकी थी. मेनका गांधी, बीसी खंडूरी, यशवंत सिन्हा जैसे नेता बैठक में नहीं पहुंचे. इससे पहले ही जसवंत सिंह और उमा भारती जैसे नेता भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से किनारा कर चुके हैं. हालांकि सबने खराब सेहत का हवाला दिया, लेकिन यशवंत सिन्हा ने इशारों-इशारों में मोदी के खिलाफ तेवर दिखाए और साफ-साफ कहा कि उन्हें 'नमो'निया नहीं हुआ है.
अब तक साफ हो चुका था कि मोदी के नाम पर बीजेपी बंट चुकी है, लेकिन पार्टी की तरफ से लगातार ये कहा जाता रहा कि कोई कलह नहीं है, कोई मनमुटाव नहीं है. जबकि आलम ये है कि अब टीम आडवाणी के तेवर सख्त हो गए हैं.
उधर, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अंदरखाने से भी बीजेपी आलाकमान के तीखे तेवरों की बात सामने आने लगी है. कहा गया है कि पार्टी के बड़े नेताओं के बागी तेवरों से आलाकमान खासा नाराज है. सूत्रों के मुताबिक, यहां तक तय किया जा चुका है कि आडवाणी के बिना ही अब मोदी का नाम आगे बढ़ाया जाएगा. यानी मोदी के नाम पर बीजेपी में महाभारत मचना तय है.
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