पर बातचीत और संदेश को कानूनी ढंग से बीच में पकड़ने के लिए सरकार ने दिल्ली और बेंगलुरु में केंद्रीयकृत डाटा केंद्र स्थापित किए हैं. इसके साथ ही दूरसंचार कंपनियों के ठिकानों पर विशेष रूप से सर्वर लगाए गए हैं.
सरकार ने जून, 2011 में वॉयस, डाटा, एसएमएस और को कानूनी तरीके से पकड़ने के लिए केंद्रीय निगरानी प्रणाली (सीएमएस) को स्वाचालित किया था. इसके लिए केंद्र ने 400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
सूत्रों ने बताया कि परियोजना के तहत दिल्ली के केंद्रीय डाटा केंद्र और बेंगलुरु की डिजास्टर रिकवरी साइट पर उपकरण लगाने का काम पूरा हो गया है और फिलहाल इसका परीक्षण चल रहा है.
सूत्रों ने कहा कि के सभी 195 जगहों पर इंटरसेप्शन स्टोर एंड फॉरवर्ड सर्वर लगाने का काम भी पूरा हो गया है.
- इनपुट भाषा