महाराष्ट्र के पुणे के एक हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट किए गर्भाशय (transplanted uterus) से एक महिला ने एक शिशु को जन्म दिया है. गुजरात निवासी मीनाक्षी ने तीन गर्भपात के बाद मां बनने का सपना ही छोड़ दिया था, लेकिन मेडिकल के चमत्कार ने उनकी खोई हुई उम्मीद वापस कर दी.
मीनाक्षी सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि एशिया की ऐसी पहली महिला हैं, जिन्होंने ट्रांसप्लांट हुए गर्भाशय से बच्चे को जन्म दिया है.
Meenakshi, a woman from Gujarat with transplanted uterus, which was donated to her by her mother, gives birth to a baby in Maharashtra's Pune. Meenakshi and her husband Hitesh Valand say, "We are very happy. We had waited for this day for long." pic.twitter.com/RmqafMXkSY
— ANI (@ANI) October 18, 2018
पुणे स्थित गैलेक्सी केयर हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर ने बताया कि तीन बार गर्भपात होने के बाद मीनाक्षी का गर्भाशय काम करना बंद कर दिया था. इसके बाद मई 2017 को उनमें उनकी मां का गर्भाशय ट्रांसप्लांट किया गया. इसके बाद ट्रांसप्लांट गर्भाशय में भ्रूण (embryo) ट्रांसफर किया गया, जिसके 32 सप्ताह बाद 18 अक्टूबर 2018 को मीनाक्षी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया.
Uterus was transplanted in May' 17 as it was not working after 3 abortions.We then transferred the embryo into her uterus, 32 weeks later,,a healthy, normal baby was born today. This is 1st baby out of a transplanted uterus in Asia-Pacific:Medical Dir of Galaxy Care Hospital,Pune pic.twitter.com/QkklZZlvRK
— ANI (@ANI) October 18, 2018
उन्होंने बताया कि एशिया में यह पहला बच्चा है, जिसका जन्म ट्रांसप्लांट गर्भाशय से हुआ है. वहीं, मां बनने के बाद मीनाक्षी और उनके पति ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि हम इस बच्चे के जन्म से बेहद खुश हैं. हमको इस दिन का लंबे समय से इंतजार था.