जिंदगी और मौत की तासीर के बीच कितने विरोधाभास होते हैं, यह पता चलता है विजय सोनी उर्फ 'मसाला चाय' की कहानी से. सोशल मीडिया के जरिये कई लोगों की जिंदगी बचाने वाले इस शख्स ने खुदकुशी कर ली है. घटना के बाद ट्विटर पर उसके फॉलोअर आश्चर्य और शोक से भर गए हैं और लगातार श्रद्धांजलि संदेश लिख रहे हैं.
पुणे का रहने वाला विजय पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर था. उसे चाय इतनी पसंद थी कि अपना ट्विटर हैंडल ही उसने 'मसाला चाय' नाम से बना लिया था. पर उसकी असल पहचान ट्विटर हैंडल 'ब्लड ड्रॉप' से थी. इसके जरिये उसने ब्लड डोनेशन के पक्ष में एक बड़ा कैंपेन शुरू किया था. जो चल निकला तो उसने इसके कई एडमिन बना दिए.

अब यह हैंडल खून के जरूरतमंद लोगों के लिए एक जरिया बन चुका है. देश भर में जिसे भी खून की जरूरत होती है, वह इस हैंडल को मेंशन करके लिखता है. इस सूचना को यहां से शेयर किया जाता है. इसकी बदौलत कई लोगों को समय रहते मदद संभव हो पाई. लेकिन बीती रात इसके फॉलोअर उस वक्त हैरान रह गए जब इसी ट्विटर हैंडल ने उसकी मौत की खबर दी.
We are extremely sorry to inform you that backbone of our family, founder passed away
— Blood Drop (@iCanSaveLife)
विजय ने अपनी प्रोफाइल के परिचय में लिखा है कि उसे पालतू जानवरों से बहुत प्यार है और वह पंचम, किशोर और रफी को भगवान समझता है. उसने खुद को 'पक्का पुणेकर' बताया है. विजय का आखिरी ट्वीट भी बेहद भावुक करने वाला है. उसने 18 मई को एक कविता साझा की थी, जिसे खुदकुशी से पहले वह 'पिन' कर गया है, यानी सबसे ऊपर लगा गया है. कविता का शीर्षक है, 'लेकिन यह गुब्बारा नहीं होगा'.

विजय अकसर कविताओं की पंक्तियां भी साझा किया करता था. 2 जून को ही उसने लिखा था कि वह यह जानना चाहता है कि उसके इस दुनिया के जाने के बाद लोग उसके बारे में क्या बातें करेंगे.
I just want to see / read, How people will talk about me once I will leave this place !
Can I ?
— Vijay (@Masala_chaai)
वक़्त वहीँ खड़ा रहा.. सड़क आगे निकल गयी..
कोई ज़िद पे अड़ा रहा.. किसी की जान निकल गयी..
— Vijay (@Masala_chaai)
Samay achcha ho yaa boora,
Jab bhi aata hai,
Bataa ke nahi aata !
— Vijay (@Masala_chaai)
'Timepass' creativity. Love for .
Thanks to 'boring' conference in office yesterday.
— Vijay (@Masala_chaai)
इस शख्स ने अपनी जिंदगी का संभवत: सबसे अहम काम 'मसाला चाय' बनकर किया, विजय कुमार सोनी बनकर नहीं. अब लोग इसी नाम से उसे याद कर रहे हैं. एक ने लिखा है कि मसाला चाय अब नहीं रही. वह हमेशा जानना चाहता था कि उसके जाने के बाद लोग क्या बातें करेंगे. किसी ने लिखा है कि इस कदम के लिए वह 'मसाला चाय' को कभी माफ नहीं करेगा. आप भी पढ़िए कि लोग इस नौजवान को कैसे याद कर रहे हैं.
Someone who saved many lives through , gave up on his life.. RIP
— Harshdeep Singh (@_harshdeep)
It is really so shocking to know that is no more.
He was a very kind soul.
RIP😔
— Sejal ( سیجل ) (@KeyaSMamma)
Someone who started such a movement as doesn't deserve to Die so Soon.
— Nawab (@Puff_Puff__Pass)
The person who started couldn't able to save his own life. Vijay Soni :'( i won't forgive you for this :'( :'(
— Ru2raj (@rutuv)