कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के पूर्व निदेशक नागेश्वर राव से जुड़ी कंपनियों पर छापा मारा है. राव के जिन ठिकानों पर पुलिस ने छापा मारा वह एक सेंट्रल कोलकाता में है और दूसरा सॉल्ट लेक में उनकी पत्नी एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड है. नागेश्वर राव के दफ्तर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोलकाता पुलिस ने छापे में एक लैपटॉप और कुछ कागजात जब्त किए हैं.
माना जा रहा है कि पुलिस ने ये छापा CBI द्वारा कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर मारे गए छापे के बदले में मारा है. इस बीच, राजीव कुमार शिलांग पहुंच गए हैं. शारदा घोटाले के सिलसिले में शनिवार को मेघालय की राजधानी में सीबीआई द्वारा उनसे पूछताछ की जाएगी. वहीं नागेश्वर राव ने इसे पूरे छापे को एक प्रोपेगेंडा करार दिया.इससे पहले 30 अक्टूबर 2018 को उन्होंने एक बयान जारी कर एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड से कोई संबंध होने से इंकार किया था.
Former interim CBI chief M Nageshwar Rao issues a press statement, refuting any link with M/s Angela Mercantile Pvt Ltd which is being raided by Kolkata Police today.
— ANI (@ANI)
बता दें कि एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड (AMPL) एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC) है. यह कथित तौर पर फरवरी 1994 में शुरू की गई थी. शशि अग्रवाल, प्रतीक अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल और सुनील कुमार अग्रवाल इस कंपनी के निदेशक हैं.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बहुबाजार थाने में दर्ज एक पुरानी शिकायत की कोलकाता पुलिस द्वारा जांच के तहत एंजिला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के दो कार्यालयों पर छापा मारा गया. एक कार्यालय शहर में है और दूसरा समीप के साल्ट लेक में स्थित है. उन्होंने बताया कि 30 पुलिस अधिकारियों के एक दल ने इन दो कार्यालयों पर छापा मारा जो राव की पत्नी मन्नेम संध्या से कथित रुप से संबद्ध है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि कंपनी और संध्या के बीच कई लेन-देन हुए हैं. हम मामले की जांच कर रहे हैं.
सीबीआई और कोलकाता पुलिस में विवाद
बता दें कि शारदा चिटफंड मामले की जांच कर रहे सीबीआई के अधिकारियों को रविवार को राजीव कुमार के कोलकाता के पार्क स्ट्रीट स्थित रेजिडेंस में घुसने नहीं दिया गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. वे राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहते थे.
इन अधिकारियों को पहले पार्क स्ट्रीट थाने और फिर सेक्सपियर सरनी थाने में ले जाया गया. इस पूरे बवाल के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला था. वह मोदी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गईं थीं. उन्होंने धरना स्थल पर ही कैबिनेट बैठक भी की थी.