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और सटीक होगी एयरस्ट्राइक, दुश्मन के हाथ की घड़ी तक देख लेगा भारत का ये सैटेलाइट

ISRO सितंबर अंत या अक्टूबर के महीने में अपनी सबसे ताकतवर निगरानी सैटेलाइट को लॉन्च करेगा. इसके लॉन्च होते ही पाकिस्तान समेत देश के दुश्मनों के होश उड़ जाएंगे. यह सैटेलाइट पाकिस्तान और उसके आतंकी कैंपों पर नजर रखेगा.

कार्टोसैट-2 की लॉन्चिंग इसरो के भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी-सी40 से की गई थी. (फोटो-इसरो) कार्टोसैट-2 की लॉन्चिंग इसरो के भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी-सी40 से की गई थी. (फोटो-इसरो)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-2 को लॉन्च करके दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया. लॉन्च के बाद इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन के बाद इसरो और उसके वैज्ञानिक आराम नहीं करेंगे. वे और बड़े मिशन करेंगे. डॉ. सिवन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वे इस साल एक और बड़ा मिशन लॉन्च करने वाले हैं. आपको बता दें कि जब यह मिशन (कार्टोसैट-3) लॉन्च होगा तब इससे देश के दुश्मनों के होश उड़ जाएंगे. इसरो के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सितंबर अंत या अक्टूबर के महीने में कार्टोसैट-3 को लॉन्च किया जा सकता है.

वैसे तो इस सैटेलाइट का काम होगा अंतरिक्ष से भारत की जमीन पर नजर रखना. आपदाओं में और ढांचागत विकास के लिए मदद करना लेकिन इसका उपयोग देश की सीमाओं की निगरानी के लिए भी होगा. पाकिस्तान और उसके आतंकी कैंपों पर नजर रखने के लिए यह मिशन देश की सबसे ताकतवर आंख होगी. यह सीमाओं पर नजर रखेगी. दुश्मन या आतंकियों ने हिमाकत की तो इस आंख की मदद से हमारी सेना उन्हें उनके घर में घुस कर मारेगी.

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आइए...जानते हैं यह कौन सी सैटेलाइट है और इसकी ताकत कितनी है?

इस सैटेलाइट का नाम है - Cartosat-3 (कार्टोसैट-3). यह कार्टोसैट सीरीज का नौवां सैटेलाइट होगा. कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 1 फीट से भी कम (9.84 इंच) की ऊंचाई तक की तस्वीर ले सकेगा. यानी आप की कलाई पर बंधी घड़ी पर दिख रहे सही समय की भी सटीक जानकारी देगा. बता दें कि पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर कार्टोसैट उपग्रहों की मदद ली गई थी. इसके अलावा विभिन्न प्रकार के मौसम में पृथ्वी की तस्वीरें लेने में सक्षम. प्राकृतिक आपदाओं में मदद करेगा.

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दुनिया का सबसे ताकतवर सैटेलाइट कैमरा होगा Cartosat-3 में

कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 0.25 मीटर यानी 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है. संभवतः अभी तक इतनी सटीकता वाला सैटेलाइट कैमरा किसी देश ने लॉन्च नहीं किया है. अमेरिका की निजी स्पेस कंपनी डिजिटल ग्लोब का जियोआई-1 सैटेलाइट 16.14 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ले सकता है. वहीं, इसी कंपनी का वर्ल्डव्यू-2 उपग्रह 18.11 इंच की ऊंचाई तक की तस्वीरें ले सकता है. इसे पृथ्वी से 450 किमी ऊपर की कक्षा में स्थापित किया जाएगा.

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कार्टोसैट सीरीज के 8 सैटेलाइट अब तक किए गए हैं लॉन्च

कार्टोसैट सीरीज का पहला सैटेलाइट कार्टोसैट-1 पांच मई 2005 को पहली बार लॉन्च किया गया था. इसकी लाइफ 5 साल की थी. इसके बाद 10 जनवरी 2007 को कार्टोसैट-2 लॉन्च किया गया. इसके बाद, 28 अप्रैल 2008 को कार्टोसैट-2ए लॉन्च किया गया. 12 जुलाई 2010 को कार्टोसैट-2बी, 22 जून 2016 को कार्टोसैट-2 सीरीज सैटेलाइट, 15 फरवरी 2017 को कार्टोसैट-2 सीरीज सैटेलाइट, 23 जून 2017 को कार्टोसैट-2 सीरीज सैटेलाइट और 12 जनवरी 2018 को कार्टोसैट-2 सीरीज सैटेलाइट लॉन्च किए गए.

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