आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तार पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) पर मोदी सरकार को घेरा है. पी चिदंबरम की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया कि अगर एनआरसी एक कानूनी प्रक्रिया है, तो गैर-नागरिक घोषित किए गए 19 लाख लोगों के साथ कानून प्रक्रिया कैसे अपनाई जाएगी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि अगर बांग्लादेश को आश्वासन दिया गया है कि एनआरसी प्रक्रिया उसे प्रभावित नहीं करेगी, तो इन 19 लाख लोगों का क्या किया जाएगा.I have asked my family to tweet on my behalf the following :
If NRC is a 'legal process', how will the legal process deal with the 19 lakh persons who have been declared non-citizens?
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
If Bangladesh has been assured that the NRC process will not affect Bangladesh, how will the Indian state deal with the 19 lakh persons?
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा कि कब तक ये 19 लाख लोग अनिश्चितता, चिंता के अलावा नागरिक और मानवाधिकारों के बिना रहेंगे.
How long will these 19 lakh persons live with uncertainty, anxiety and denial of civic and human rights?
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN)
इन दिनों ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर हम महात्मा गांधी के मानवतावाद का जश्न मना रहे हैं तो हमें इन सवालों का भी जवाब देना चाहिए.
घर का खाना खाने की इजाजत मिली
इस बीच पिछले हफ्ते पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में फिर से बड़ा झटका लगा. कोर्ट ने चिदंबरम की हिरासत अविध 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी. इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चिदंबरम की पेशी से पहले कोर्ट रूम की सुरक्षा बढ़ा दी गई.
इसके साथ ही राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता चिदंबरम को जेल में घर का खाना मंगाने की इजाजत दे दी. चिदंबरम ने इसके लिए कोर्ट ने आग्रह किया था.