देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात को 67 साल की उम्र में निधन हो गया. दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका AIIMS में निधन हो गया. नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज की हालत मंगलवार को काफी नाजुक हो गई. देर शाम उन्हें अस्पताल लाया गया जहां 5 डक्टरों की टीम ने उन्हें अटेंड किया.
सुषमा स्वराज का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है. महज 25 साल की उम्र में वह हरियाणा सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बनीं. 1977 से 1979 तक सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार जैसे 8 मंत्रालय मिले थे.
सुषमा के खाते में राजनीति के क्षेत्र में और भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं. सुषमा स्वराज के नाम दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने की उपलब्धि दर्ज है. सुषमा स्वराज दो बार विधानसभा के सदस्य के रूप में और 4 बार लोक सभा और 3 बार राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई थीं विभिन्न पदों पर रहते हुए सुषमा स्वराज कई सांस्कृतिक और सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़ी रहीं. 27 साल की उम्र में 1979 में वह हरियाणा में जनता पार्टी की राज्य अध्यक्ष बनी थीं.
सुषमा स्वराज ने 67 साल की उम्र में दिल्ली के AIIMS में आखिरी सांस ली. 6 अगस्त को उनकी हालत काफी नाजुक हो गई थी. वहीं सुषमा स्वराज ने 6 अगस्त को ही आखिरी बार ट्वीट किया था. उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी और फैसले का अभिनंदन किया.
प्रधान मंत्री जी - आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी. ji - Thank you Prime Minister. Thank you very much. I was waiting to see this day in my lifetime.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में लिखा था, "प्रधानमंत्री जी - आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी. @narendramodi ji". प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, मनीष सिसोदिया, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया.