जनलोकपाल के लिए अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले जस्टिस संतोष हेगड़े दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से खुश हैं. उन्होंने संसद में पास लोकपाल बिल को कमजोर बताया लेकिन साथ ही कहा कि अगर हम मजबूत लोकपाल पर अड़े रहते तो ये भी नहीं मिलता. आगे इस कानून में सुधार हो सकते हैं. पढ़ें संतोष हेगड़े से खास बातचीत के अंश.
प्रश्न: क्या आपको लगता है कि अरविंद केजरीवाल ने एंटी करप्शन कैम्पेन और सिविल सोसायटी को कमजोर किया है, क्योंकि पहले उन्होंने कांग्रेस का विरोध किया और फिर उसकी ही सहायता से सरकार बना रहे हैं?
हेगड़े: मुझे नहीं लगता है कि इससे कोई नुकसान हुआ है क्योंकि अगर केजरीवाल ने सरकार नहीं बनाई होती तो वह लोकशाही की हार होती. सब लोग कह रहे थे कि उसको गवर्मेंट नहीं बनानी चाहिए. लेकिन मुझे लगता है कि लोकशाही में किसी न किसी को गवर्मेंट बनानी पड़ती है. अगर दूसरी बार चुनाव होते तो उसका सारा बोझ जनता पर ही आता. और अपनी शर्तों और अपने मूल्यों से समझौता किए बिना वो किसी की भी सहायता से सरकार बनाए, उसमें कोई हर्ज नहीं है. भारत में राज्यों में सयुंक्त सरकार बनाना आम बात है.
प्रश्न: क्या अन्ना अरविंद केजरीवाल को सपोर्ट करते तो इससे ज्यादा सीटें आ सकती थीं?
हेगड़े: अगर अन्ना अरविंद को ओपन सपोर्ट करते तो आम आदमी पार्टी को इससे ज्यादा सीटें मिल सकती थीं.
प्रश्न: जब अरविंद केजरीवाल ने सरकार बनाने का निर्णय लिया और उसके बारे में अन्ना से पूछा गया तो उन्होंने कहा नो कोमेंट. और जब उनको शपथग्रहण समारोह में आने का न्योता दिया गया, तब अन्ना ने कहा मेरी तबीयत ठीक नहीं है. क्या इससे लगता है कि दोनों के बीच में दरार आ गई है?
हेगड़े: मुझे नहीं लगता है कि ऐसा कुछ है क्योंकि अन्ना की तबीयत लम्बे सफर के लिए अच्छी नहीं है. अन्ना स्वस्थ नहीं हैं और निमंत्रण भी अब मिलना शुरू हुए हैं. मुझे भी आज ही न्योता मिला है. मैं आज रात देरी से बेंगलुरु पहुंचूंगा, इसलिए मैं भी वहां पर नहीं जा सकता. इसका मतलब यह नहीं है कि मैं अरविंद को सपोर्ट नहीं करता हूं. मुझे नहीं लगता कि केजरीवाल और अन्ना के बीच कोई मतभेद है.
प्रश्न: अभी जो लोकपाल बिल पास हुआ है उसके बारे में आप क्या कहेंगे?
हेगड़े: मुझे नहीं लगता है कि ये सशक्त लोकपाल है. देश पिछले 45 सालों से इस कानून के लिए लड़ रहा था और हमारा आखिरी मकसद भी कानून लाना है. एक बार कानून आ जाए फिर उसमें सुधार हो सकते हैं. अगर हम मजबूत लोकपाल का ही आग्रह रखते तो ये भी नहीं होता.
प्रश्न: 2014 के लोकसभा चुनावों के बारे में आप क्या कहेंगे?
हेगड़े: अगला चुनाव बहुत महत्व रखता है. अभी हुए पिछले चुनावों में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, हालांकि उसने कर्नाटक में सरकार खोई है. ये अभी तो कह नहीं सकते कि किसको बहुमत मिलेगा लेकिन जो भी होगा वो इंट्रेस्टिंग होगा.
प्रश्न: क्या ‘आप’ का उभरना दोनों मुख्य पार्टियों को टक्कर दे सकता है?
हेगड़े: शहर में तो मैंने महसूस किया है. लोग एक अच्छी सरकार चाहते हैं पर गांव में लोग क्या सोचते हैं. मुझे पता नहीं है. दिल्ली में तो लोग परिवर्तन चाहते थे और वो लाये भी.