को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग को लेकर छिड़ी बहस के बीच प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री को लेकर मुसलमानों के रुख में बदलाव आया है, लेकिन बाद में मदनी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ गुजरात के संदर्भ में बात कही है.
‘आज तक’ के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘सीधी बात’ में जब मदनी से पूछा गया कि मोदी को लेकर मुसलमानों के रुख में बदलाव आया है?, तो उन्होंने कहा, ‘गुजरात चुनाव में मोदी को मुसलमानों के एक वर्ग के वोट मिले हैं. हालात बदले हैं, जमाना बदला है, बहरहाल कुछ तो है कि उन्हें वोट मिला है.’
उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा, ‘गुजरात में लोगों के सामने दो ‘मेहरबान थे’. वो ‘मेहरबान’ भी इसी तरह के हैं तो लोगों ने इसी मेहरबान को चुन लिया. कोई दूध का धुला नहीं है.’ इस बीच, महमूद मदनी ने सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे बयान को संदर्भ से हटकर पेश किया जा रहा है. मैंने सिर्फ गुजरात को लेकर यह बात कही है. राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. यह कभी नहीं हो सकता.’