कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने 35, लोधी एस्टेट स्थित सरकारी आवास को खाली कर दिया है. गुरुवार को उन्होंने अपने सरकारी बंगले का कब्जा सीपीडब्ल्यूडी को दे दिया है. प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. प्रियंका गांधी वाड्रा को यह सरकारी बंगला सुरक्षा कारणों के चलते अलॉट हुआ था.
प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यालय ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी के जेई पी. सेंथिल कुमार ने सीपीडब्ल्यूडी के सीई (एनडीजेड-I) विकास राणा, (PAWD-I, CPWD) के AE योगेश कुमार करदम, सीपीडब्ल्यूडी सर्विसेज के एई मनोज कुमार चौहान, (PAWD-I, CPWD) के जेई बी. एस. राणा की मौजूदगी में बंगला की चाबी ली. इससे पहले सीपीडब्ल्यूडी के जेई पी. सेंथिल कुमार ने बंगले का निरीक्षण किया.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने बंगले में जो कुछ सामान लगवाया, उसकी भी पूरी जानकारी सीपीडब्ल्यूडी और डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स को दे दी है. प्रियंका गांधी ने बिजली व पानी के बिल और पिछले बकाए का भी पूरा भुगतान कर दिया है. इसके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा को डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स से 31 जुलाई तक के लाइसेंस फीस के फाइनल असेसमेंट और लीज के कैंसलेशन का इंतजार है.
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में स्थायी रूप से रहने के लिए एक आवास किराए पर लिया है, जिसकी मरम्मत और पुताई का काम चल रहा है. जब तक दिल्ली में किराए पर लिया गया आवास रहने लायक नहीं हो जाता है, तब तक प्रियंका गांधी वाड्रा अस्थायी आवास में निवास करेंगी. वो अब गुरुग्राम या लखनऊ शिफ्ट नहीं हो रही हैं.
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प्रियंका गांधी वाड्रा को 21 फरवरी 1997 में लोधी एस्टेट स्थित बंगला अलॉट हुआ था. तब उनके पास SPG सुरक्षा थी, लेकिन Z प्लस सुरक्षा में बंगला नहीं मिलता है. प्रियंका गांधी वाड्रा इस सरकारी बंगले के लिए 37 हजार रुपये प्रति महीने का किराया दे रही थीं. आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा था कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा को मौजूदा बंगला खाली करना पड़ेगा.