संसद में कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया है. इस दौरान सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल संविधान के खिलाफ है.
पर चर्चा के दौरान मनीष तिवारी ने कहा, 'नागरिकता संविधान के खिलाफ है. ये विधेयक मूलभूत आधार का उल्लंघन करता है. ये विधेयक भारत के संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करता है. कोई भी शरणार्थी हमसे शरण मांगता है तो ये हमारा कर्तव्य बनता है कि बिना उसका मजहब देखे, उसको शरण दें.'
उन्होंने कहा, 'अंतर्राष्ट्रीय संधियां भी हैं जो ये कहती हैं कि कोई भी शरणार्थी अगर आपके यहां शरण मांगे तो आप इनकार नहीं कर सकते. इसके अलावा न ही ये देखा जाएगा कि उनका धर्म क्या है.'
Manish Tewari,Congress in Lok Sabha: This is against article 14, article 15, article 21, article 25 and 26 of the Indian constitution. This bill is unconstitutional and against basic right of equality
— ANI (@ANI)
मनीष तिवारी ने कहा, 'इस बिल में विरोधाभास है. इस बिल को फिर से देखने की जरूरत है. ये विधेयक भारत की परंपरा के खिलाफ है. भारत का मूलभूत सिद्धांत रहा है कि हम बिना मजहब देखे मानवीय आधार पर शरण दें.'
पक्ष में पड़े इतने वोट
वहीं इससे पहले लोकसभा में नागरिकता बिल पेश होने पर वोटिंग हुई. जिसमें 293 हां के पक्ष में और 82 विरोध में वोट पड़े. लोकसभा में इस दौरान कुल 375 सांसदों ने वोट किया.