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बिहार: कोर्ट का फैसला सुनकर पूर्व मंत्री का निधन

शेखपुरा नरसंहार मामले में दोषी करार देने के बाद सदमे में आकर कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री संजय कुमार सिंह बेहोश हो गये और करीब एक घंटे बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गयी.

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शेखपुरा नरसंहार मामले में दोषी करार देने के बाद सदमे में आकर कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री संजय कुमार सिंह बेहोश हो गये और करीब एक घंटे बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गयी.

घटना से नाराज सिंह के परिजनों ने फैसला सुनाने वाले विशेष न्यायाधीश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी. सिंह और उनके सात अन्य समर्थकों को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एससी श्रीवास्तव की विशेष अदालत ने 26 दिसंबर, 2001 को राजद के आठ कार्यकर्ताओं की शेखपुरा कस्बे के पास हत्या के मामले में दोषी ठहराया और सजा सुनाने के लिये सात अक्तूबर की तिथि घोषित की.

फैसला सुनकर अदालत से निकलने के बाद सिंह बेहोश होकर गिर पड़े और इलाज के लिए उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मृत्यु हो गयी. आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि सिंह ने यहां अस्पताल में अंतिम सांस ली.

सिंह के एक परिजन अभय सिंह ने यहां अपने वकील विपिन सिंह के अनुरोध पत्र की एक प्रति के साथ यहां कोतवाली थाने में जज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. इस पत्र में वकील ने अदालती कार्यवाही के दौरान अपने मुवक्किल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल भेजने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध किया था.{mospagebreak}बिपिन बिहारी ने पत्र में दावा किया कि आरोपी कुमार संजय सिंह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े थे और उस समय भी उन्हें सीने में दर्द हो रहा था. इसलिए उन्होंने अपने मुवक्किल के लिए तुरंत समुचित चिकित्सीय सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की थी. बिहारी ने आरोप लगाया कि अदालत ने उनके अनुरोध पर विचार नहीं किया और मामले में अदालती कार्यवाही चलती रही.

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सिंह की मौत से बौखलाये कुछ वकीलों ने अदालत कक्ष में तोड़फोड़ की और कुछ फर्नीचरों को नुकसान पहुंचाया. वकीलों ने आरोप लगाया कि अदालत कक्ष में सिंह की तबीयत बहुत बिगड़ने लगी थी और उन्हें अस्पताल भेजे जाने के बार बार अनुरोध पर अदालत ने ध्यान नहीं दिया. पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गयी और स्थिति को नियंत्रण में किया.

इससे पहले अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एससी श्रीवास्तव की विशेष अदालत ने संजय कुमार सिंह और उनके सात अन्य समर्थकों को राजद के आठ कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में दोषी करार दिया और सजा सुनाने की तारीख सात अक्तूबर तय की.{mospagebreak}नौ साल पहले 26 दिसंबर 2001 को राजद के आठ कार्यकर्ताओं की शेखपुरा कस्बे से करीब तीन किलोमीटर दूर पाती पुल पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. संजय सिंह इससे पहले राबड़ी देवी सरकार में कांग्रेस के मंत्री थे.

सिंह के अलावा इस नरसंहार में अरुण कुमार सिंह, मृत्युंजय सिंह, दिवाकर सिंह, उदय शंकर सिंह, कन्हैया सिंह, कृष्णनंदन सिंह, श्यामनंदन सिंह को दोषी ठहराया गया.

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