राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया गया है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और राहुल के बेहद करीबी जाने वाले अशोक गहलोत को पार्टी का संगठन महासचिव बनाया गया है.
अब जनार्दन द्विवेदी की जगह लेंगे, जो सोनिया गांधी के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं. राजस्थान के 2 बार मुख्यमंत्री रहे गहलोत का देश की सबसे पुरानी पार्टी में रुतबा बढ़ाए जाने के पीछे दिसंबर में गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन को माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव के वक्त वह पार्टी के गुजरात प्रभारी थे.
INC COMMUNIQUE
Announcement of the AICC General Secretary Incharge, Organisation & Training,
— INC Sandesh (@INCSandesh)
पिछले साल दिसंबर में के नए अध्यक्ष बने थे. सोनिया गांधी के 19 साल तक इस पद पर बने रहने के बाद राहुल निर्विरोध चुने गए थे.
स्वभाव से विनम्र नेता कहे जाने वाले गहलोत 1998 से 2003 और फिर 2008 से 2013 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं. इससे पहले ने गहलोत से गुजरात के प्रभारी की जिम्मेदारी वापस ले ली थी और उनकी जगह आज ही राजीव सातव को गुजरात का प्रभारी बनाया गया.
जीतेंद्र सिंह को ओडिशा का प्रभार
पिछले साल कांग्रेस ने गुजरात चुनावों से पहले अप्रैल में गहलोत को एआईसीसी का महासचिव बनाते हुए गुजरात प्रभारी के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी जिसमें वह सफल रहे.
पूर्व केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह को ओडिशा का प्रभारी नियुक्त किया गया है. वह बीके हरिप्रसाद की जगह लेंगे. यह जगह हरिप्रसाद के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी.इसके अलावा राहुल गांधी ने लालजी देसाई को अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल का मुख्य आयोजक नियुक्त किया है, वह महेंद्र जोशी की जगह लेंगे.