पठानकोट हमले पर सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि पठानकोट हमले से निपटने में सैन्य बलों में किसी भी प्रकार के तालमेल की कमी नहीं थी. उन्होंने कहा कि पठानकोट में ऑपरेशन की कमान सेना के हाथ में थी. इस पूरे ऑपरेशन को पश्चिमी कमान ने संभाला हुआ था.
सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने कहा है कि सेना हर तरह की चुनौती से निपटने के लिए तैयार है. सेना प्रमुख ने कहा कि मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सेना देश के सामने आने वाले सभी तरह के खतरों से निपटने और देश की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. पर जनरल सुहाग ने कहा कि इससे सबक सीखा गया है. एनआईए मामले की जांच कर रही है और हम हर पहलू को देखेंगे.
साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती
जनरल दलबीर ने कहा कि 'यह कोई आसान ऑपरेशन नहीं था. हमारी प्राथमिकता अपने सैनिकों की जान की रक्षा करना था. उन्होंने कहा कि जिस इमारत में दो सैनिक थे, वहीं पर दो . हमने पहले उन्हें बाहर निकाला और उसके बाद आतंकियों को मार गिराने का ऑपरेशन चलाया. उन्होंने बताया कि सभी सैनिकों की शहादत शुरुआत के कुछ मिनटों में ही हुई थी. बाद में हमारे सैन्य बल सुरक्षित रहे. जनरल ने साइबर क्राइम को सबसे बड़ी चुनौती बताया और कहा बढ़ती हुई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर सेना को और मजबूती देने की जरूरत है.
कवर्ट ऑपरेशन के लिए तैयार
पठानकोट हमले पर जनरल ने कहा कि वेस्टर्न आर्मी कमांडर पूरे ऑपरेशन की देखरेख कर रहे थे. ऑपरेशन में सेना की टुकड़ी, एनएसजी, गरुड़, इंटेलीजेंस एजेंसी और पुलिस लगी हुई थी. उन्होंने कहा कि सीमा पर बहुस्तरीय संसाधन बनाने की जरूरत है. और अगर ऐसा हो भी जाता है तो तुरंत निपटा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर हमें पाकिस्तान में जैश और लश्कर के खिलाफ कवर्ट ऑपरेशन करने को कहा जाए तो हम उसके लिए भी तैयार हैं.
आतंकियों के पाकिस्तानी कनेक्शन के पुख्ता सबूत
पठानकोट हमले पर पाकिस्तान या पाक सेना का हाथ होने के सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा कि सभी सबूत पाक के साथ साझा किए गए हैं. मैंने दवाएं, हथियार देखें हैं जिन पर पाकिस्तान के निशान हैं. साफ है कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे. इस पर पाकिस्तान की ओर से क्या कार्रवाई होती है ये देखना होगा.