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'नोटबंदी' की सीमा पार कर हुई नितिन गडकरी की बेटी की शाही शादी

मोदी सरकार का नोटबंदी का फैसला 8 नवंबर को आया और सबसे घातक असर इस तारीख के बाद होने वाली शादियों पर पड़ा. सरकार ने बैंको को कहा कि जिनके घर शादी है उनके शादी के कार्ड, होटल और कैटरर बुकिंग की रसीदों को देखकर 2.50 लाख रुपये की नई करेंसी दे दी जाए. मतलब सरकार ने माना कि देश में शादी समारोह का यही खर्च है और इस 2.50 लाख रुपये में सबकुछ किया जा सकता है.

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नितिन गडकरी के बेटी की शाही शादी
नितिन गडकरी के बेटी की शाही शादी

मोदी सरकार का नोटबंदी का फैसला 8 नवंबर को आया और सबसे घातक असर इस तारीख के बाद होने वाली शादियों पर पड़ा. सरकार ने बैंको को कहा कि जिनके घर शादी है उनके शादी के कार्ड, होटल और कैटरर बुकिंग की रसीदों को देखकर 2.50 लाख रुपये की नई करेंसी दे दी जाए. मतलब सरकार ने माना कि देश में शादी समारोह का यही खर्च है और इस 2.50 लाख रुपये में सबकुछ किया जा सकता है.

मोदी सरकार के इस फरमान के एक हफ्ते बाद 16 नवंबर को कर्नाटक के दिग्गज बीजेपी नेता और की. खर्च किया कुल 500 करोड़ रुपये. शादी के लिए बैंक्वेट हॉल के तौर पर विजयनगर राजमहल के 50 एकड़ पार्क की बुकिंग की गई. साज-सज्जा में विजयनगर का राजमहल बनाया गया.

50,000 पीआईपी मेहमानों को निमंत्रण देकर पूरी तैयारी की गई. शादी पंडाल के बगल में 50 हेलीपैड बनाए गए, पांच सितारा होटलों में 1500 कमरे बुक किए गए और मेहमानों को ले आने और ले जाने के लिए 2000 लग्जरी टैक्सी तैनात कर दी गई. नोटबंदी के बीच सवाल उठा कि 2.50 लाख रुपये में ये इंतजाम कैसे हो रहे हैं. सकते में आई बीजेपी ने व्हिप जारी कर दिया कि पार्टी का कोई नेता इस शाही शादी में दिखाई नहीं देना चाहिए.

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नोटबंदी लागू हुए अभी 1 महीना भी पूरा नहीं हुआ कि पार्टी के सीनियर लीडर और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बेटी की शादी 4 दिसंबर को नागपुर में आयोजित हुई. देशभर से 10,000 मेहमानों को निमंत्रण गया. शहर के सबसे वीआईपी बैंक्वेट हॉल को बुक कर सजाया गया.

 

 

पार्टी के दिग्गज मंत्री, नेता और देश के बड़े उद्योगपतियों के साथ-साथ बॉलिवुड हस्तियों के लिए तैयारी की गई. मेहमानों को नागपुर लाने के लिए 50 चारटर्ड हवाई जहाजों ने उड़ान भरी, हालांकि खुद गडकरी इसे नकार रहे है. उनका कहना है कि महज 10 से 12 चारटर्ड प्लेन ही नागपुर पहुंचे.

नोटबंदी के बीच हुई इस शादी से एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि ? या फिर मोदी सरकार द्वारा तय की गई यह लिमिट महज आम आदमी के लिए है?

 

 

गडकरी की बेटी की शादी के लिए हालांकि पार्टी की तरफ से किसी तरह का व्हिप जारी नहीं किया गया. मोदी सरकार के वरिष्ठतम मंत्री राजनाथ सिंह और वेंकइया नायडू ने शिरकत की. पार्टी प्रमुख अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे. अंबानी, अदानी और बाबा रामदेव जैसे उद्योगपति ने पहुंचकर वधु और वर को आशीर्वाद दिया.

 

 

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी को निमंत्रण जरूर दिया गया लेकिन नागपुर में उन्हें बुलाकर पार्टी के लिए फजीहत मोल नहीं ली गई. इसी तरह सैकड़ों अन्य मेहमानों ने शादी पर नागपुर जाने का कार्यक्रम टाल दिया. ऐसा इसलिए कि शादी की पार्टी को दो चैपटर्स में बांट दिया गया. शादी का एक रिसेप्शन 6 दिसंबर को नागपुर में रखा गया है और दूसरा रिसेप्शन नई दिल्ली में 8 दिसंबर को आयोजित किया गया है.

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अब बचे हुए वीवीआईपी मेहमानों से उम्मीद है कि वह नई दिल्ली में आयोजित रिसेप्शन पर पहुंचकर वधु और वर को आशीर्वाद देंगे. इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत पूरी कैबिनेट और राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष के पहुंचने की संभावना है.

अब नोटबंदी के चलते मोदी सरकार के निर्देश को देखें को नितिन गडकरी के घर हुई शादी के तीनों चैपटर को महज 2.50 लाख रुपये में निपटा लिया गया है. वह 2.50 लाख रुपये भी या तो नितिन गड़करी नहीं तो उनकी पत्नी के बैंक अकाउंट से शादी के कार्ड, बैंक्लेट हॉल की बुकिंग रसीद और कैटरर सर्विस की बुकिंग रसीद के साथ अनुमानित लागत का पूरा ब्यौरा देने के बाद ही निकल पाए होंगे. इसके साथ ही मोदी सरकार के निर्देश के मुताबिक देश में शाही शादियों पर नजर रखने के लिए इनकम टैक्स का एक दस्ता भी जरूर बिन बुलाए मेहमान की तरह शरीक हुआ होगा!

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