अमेरिका का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अल-कायदा भीषण दबाव में है और आंतकी नेटवर्क ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया है, इसलिए समुदाय के लोग उससे असंतुष्ट हो रहे हैं.
विदेश मंत्रालय में आतंकवाद संबंधी मसलों के उप संयोजक रॉबर्ट एफ गोडेक ने कहा ‘‘पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे अहम देशों में अल-कायदा भीषण दबाव के दौर से गुजर रहा है.’’ अधिकारी ने कहा ‘‘जहां अल-कायदा को पिछले कुछ सालों में कई सफलताएं हासिल हुई हैं, वहीं संगठन को कई आघात भी पहुंचे हैं.’’ उन्होंने कहा कि अल-कायदा ने अल्जीरिया, इराक, सउदी अरब, पाकिस्तान और इंडोनेशिया समेत कई स्थानों पर मुसलमानों को निशाना बनाया है, जिसके चलते मुस्लिम लोग संगठन से असंतुष्ट हो रहे हैं.
गोडेक के मुताबिक ‘‘कई इमाम, मौलवी और पूर्व आतंकवादी समय-समय पर संगठन के खिलाफ बोल रहे हैं. यह सकारात्मक और अहम संकेत है.’’ विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया ‘‘अल-कायदा ने पिछले कुछ सालों में अपने कई नेताओं को खोया है और संगठन को अब राशि जुटाना, लोगों की भर्ती करना और अपने इलाके से बाहर हमले करने की योजना बनाने में कठिनाई आ रही है.’’{mospagebreak}गोडेक ने कहा कि जैसे-जैसे अल-कायदा और उसके सहयोगी संगठनों का आतंक बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अमेरिका और उसके सहयोगी देश भी उनके खिलाफ अभियान में प्रगति कर रहे हैं. उन्होंने कहा ‘‘हालांकि इस दिशा में अभी और काम किया जाना जरूरी है.’’ अमेरिकी अधिकारी ने कहा ‘‘राष्ट्रपति ओबामा के नेतृत्व में अमेरिका अपने दूसरे सहयोगियों के साथ मिलजुल कर काम कर रहा है, जिससे ऐसी नीतियां बनाई जा सकें, जो अल-कायदा को हराने में मददगार साबित हों.’’