एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी रिपोर्ट का हवाला देकर नरेंद्र मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है.
ओवैसी ने कहा है कि लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को गले लगाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम नहीं आया है, इसलिए धार्मिक स्वतंत्रता के पायदान पर अमेरिकी संस्था यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारत को पाकिस्तान, उत्तरी कोरिया और सीरिया के बराबर रखा है.
अमेरिकी संस्था ने भारत के खिलाफ प्रतिबंध की वकालत की
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि USCIRF ने भारत के खिलाफ प्रतिबंध की सिफारिश की है. ओवैसी ने ट्वीट किया, " पीएमओ द्वारा नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम का आयोजन करने के बावजूद USCIRF की रिपोर्ट ने भारत को बर्मा, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और सीरिया के बराबरी में रखा है. USCIRF ने अन्य उपायों के अलावा भारत के खिलाफ प्रतिबंध की सिफारिश की है. साफ है कि गले लगाना कोई काम नहीं आया, हो सकता है कि अगली बार आप कुछ असल में डिप्लोमेसी दिखाएं."
भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का हननDespite hosting , the USCIRF report puts India in august company of Burma, Pakistan, North Korea & SYRIA. USCIRF has recommended SANCTIONS against India, among other measures. Clearly all that hugging did not help. Maybe next you could try actual diplomacy?
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi)
USCIRF ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में सबसे ज्यादा और खतरनाक तरीके से धार्मिक स्वतंत्रता का हनन किया गया.
ओवैसी ने अपने ट्वीट USCIRF की रिपोर्ट का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है. ओवैसी के मुताबिक अमेरिका की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि धार्मिक स्वतंत्रता के हनन के लिए जिम्मेदार भारत सरकार की एजेंसियों और अफसरों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. इनकी संपत्तियों को सीज किया जाए और अमेरिका में इनकी एंट्री रोकी जाए.