दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे और उनकी टीम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकपाल बिल पर धोखा कर रही है और जनलोकपाल की मांग पर उनकी टीम अडिग रहेगी.
| आंदोलन से जुड़े अपने अनुभव, खबरें, फोटो हमें पर भेजें. हम उसे आजतक की वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे. |
अन्ना कह रहे हैं कि, ‘हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही सरकार.’ अन्ना ने कहा, ‘मैं कई बार सरकार को बता चुका हूं लेकिन सरकार गूंगी और बहरी हो गई है. जब तक संसद में जनलोकपाल बिल नहीं आयेगा ‘हम नहीं हटेंगे’.
अन्ना ने जोर देकर कहा कि जबतक जनलोकपाल बिल पास होकर नहीं आएगा हमारा अनशन चलता रहेगा. अन्ना ने लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लाये जाने की बात को दोहराई और देश की जनता से भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देने की भी अपील की. उन्होंने कहा, ‘कोई ना तो घूस ले ना दे. कोई महिला अपने पति की आमदनी से ज्यादा की मांग ना करे.’
अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान से सरकार के अन्ना हजारे से शांति भंग होने के अंदेशा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार को नहीं देश के भ्रष्टाचारियों का अंदेशा है.
केजरीवाल ने कहा, ‘अन्ना हजारे को गिरफ्तार कर सात दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. लेकिन महज एक घंटे में ही उन्हें छोड़ दिया गया. आखिर इसके पीछे क्या कारण था. उन्होंने कहा कि सरकार की जनलोकपाल पर लगातार यह कहना गलत है कि यह महज पांच लोगों की पेशकश है. उन्होंने कहा, ‘यह सरकार खुद को तानाशाह समझती है या देश की जनता द्वारा चुनी हुई सरकार मानती है.’
यह पूछे जाने पर कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और स्टैंडिंग कमेटी अन्ना की टीम को बुला सकती है केजरीवाल ने कहा, ‘सरकार संसद और स्टैंडिंग कमेटी को शील्ड बना रही है. सरकार लोकपाल बिल को हटा जनलोकपाल बिल पेश करे.’
इस मौके पर प्रशांत भूषण ने कहा, ‘सरकार को जनलोकपाल पर कोई शंका है तो जनमतसंग्रह कराये.’ उन्होंने बताया कि स्वतंत्र एजेंसियों और मीडिया के कराये गए जनमतसंग्रह में देश की 80 फीसदी से ज्यादा जनता जनलोकपाल बिल के समर्थन में अपना मत दिया है. उन्होंने बताया कि यह जनमतसंग्रह 20 से अधिक जगहों पर कराया गया.
अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता को यह भी बताया कि कैसे सरकार ने 1 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक अन्ना हजारे के किसी पत्र का जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि अब सरकार घबरा गई है तो इसके पीछे भ्रष्टाचार के खिलाफ देश की जनता का उमड़ा सैलाब है न कि अकेला अन्ना हजारे.
इससे पहले अन्ना हजारे के स्वास्थ की चिकित्सकीय जांच की गई और उनकी सेहत पूरी तरह ठीक नहीं है. मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन समेत 36 चिकित्सकों का दल अनशन के दौरान 24 घंटे अन्ना हजारे की सेहत पर नजर रख रहा है. त्रेहन ने हजारे समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘अन्ना हजारे का स्वास्थ्य ठीक है. चिंता की कोई बात नहीं है. हम लोग उनकी सेहत नजर बनाए हुए हैं.’ हजारे के अनशन की जगह रामलीला मैदान में इस उद्देश्य से एक चिकित्सा शिविर भी बनाया गया है.
त्रेहन के संबोधन के बाद खुद हजारे ने कहा, ‘चिकित्सकों की रिपोर्ट के बाद मेरा उत्साह बढ़ गया है. यहां मौजूद लोगों से मुझे ऊर्जा मिल रही है.’ हजारे ने रामलीला मैदान में पहुंचते ही अपने समर्थकों को संबोधित किया, जिसके फौरन बाद चिकित्सकों ने उनके रक्तचाप समेत पूरे स्वास्थ्य की जांच की. इस जांच के बाद उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि हजारे की सेहत अच्छी है.
इसके पहले हजारे ने घोषणा की थी कि 16 अगस्त को अनशन शुरू करने के बाद से उनका वजन तीन किलोग्राम घट गया है.
दूसरी ओर देश भर में भ्रष्टाचार को लेकर जनआक्रोश है और उसपर अपना विरोध दर्ज करने के अनोखे तरीके भी अपनाये जा रहे हैं. एक मुहिम के तहत मोबाइल पर यह संदेश भी प्रचारित किया जा रहा है, ‘सरकार ने कहा है अगर 25 करोड़ लोग जनलोकपाल के समर्थन में आते हैं तो बिल पास होगा. यह बिल भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो आप भी इस मुहिम में शामिल हों और 02261550789 पर मिस कॉल करें.’