हाल ही में अपने विवादास्पद कार्टूनों की वजह से चर्चित हुए असीम त्रिवेदी के खिलाफ राजद्रोह के आरोप वापस ले लिए गए हैं. असीम फिलहाल टीवी रियलिटी शो 'बिग बॉस' में शिरकत कर रहे हैं.
महाराष्ट्र सरकार ने वापस लिया मुकदमा
महाराष्ट्र सरकार ने कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी के खिलाफ पूर्व में दायर राजद्रोह के आरोप शुक्रवार को वापस ले लिए. त्रिवेदी को राष्ट्रीय प्रतीकों व संविधान का अपमान करने के अरोप में इस वर्ष सितम्बर में गिरफ्तार कर लिया गया था.बचाव पक्ष के वकील मिहिर देसाई ने बताया, 'महाराष्ट्र सरकार ने बम्बई उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि त्रिवेदी के खिलाफ राजद्रोह के आरोप वापस लिए जा रहे हैं.'
आईएसी कार्यकर्ता हैं असीम
कानपुर निवासी त्रिवेदी, इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के कार्यकर्ता हैं, जिन्हें आठ सितम्बर को गिरफ्तार कर किया गया था और कार्टून के जरिए भारतीय प्रतीकों व संविधान का अपमान करने के लिए उनपर राजद्रोह के आरोप लगाए गए थे. ये कार्टून उन्होंने पिछले वर्ष दिसम्बर में मुम्बई में हुए अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान बनाए थे.
थानों को भेजा जाएगा सर्कुलर
सरकारी वकील ने न्यायालय में कहा कि असीम के खिलाफ राजद्रोह के आरोप एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी और राज्य सरकार धारा 124ए पर एक सर्कुलर का मसौदा तैयार करेगी, जिसे मंजूरी के लिए न्यायालय को सौंपा जाएगा. वकील ने कहा कि मंजूरी के बाद यह सर्कुलर सभी पुलिस थानों को भेजा जाएगा.
मुंबई पुलिस की हुई थी आलोचना
बम्बई उच्च न्यायालय ने सतही आधारों पर त्रिवेदी को गिरफ्तार करने के लिए 14 सितम्बर को मुम्बई पुलिस की आलोचना की थी, और कहा था कि यह कृत्य त्रिवेदी की अभिव्यक्ति की आजादी का अतिक्रमण है. त्रिवेदी के खिलाफ एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अमजद सैयद की खण्डपीठ ने कहा कि वे देशद्रोह के कानून के इस्तेमाल के लिए खास मानक निर्धारित करना चाहते हैं.