scorecardresearch
 

'संतोष हेगड़े के नाम पर एक मिनट में करूंगा हस्‍ताक्षर'

कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने राज्‍य की बीजेपी सरकार को आड़े लेते हुए कहा कि संतोष हेगड़े अगर फिर से लोकायुक्‍त बनते हैं तो वो एक मिनट में हस्‍ताक्षर कर देंगे.

Advertisement
X
संतोष हेगड़े
संतोष हेगड़े

कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने राज्‍य की बीजेपी सरकार को आड़े लेते हुए कहा कि संतोष हेगड़े अगर फिर से लोकायुक्‍त बनते हैं तो वो एक मिनट में हस्‍ताक्षर कर देंगे.
कर्नाटक के राज्यपाल ने लोकायुक्त के मामले में भाजपा सरकार के चुनाव का विरोध करने की अपनी बात पर नरम पड़ने से इंकार कर दिया और कहा कि वह आशा करते हैं कि उनका विरोध ‘उनके (सरकार) दिमाग में बैठेगा.’ इससे राज्य सरकार और उनके बीच लंबे समय से चल रहा टकराव और गहरा गया है.

राज्य में अवैध खनन पर बतौर लोकपाल हेगड़े की रिपोर्ट के कारण बी. एस. येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर जेल जाना पड़ा था.

अपना कड़ा रूख बरकरार रखते हुए राज्यपाल एच. आर. भारद्वाज ने कहा कि वह किसी ‘गलत व्यक्ति’ की नियुक्ति नहीं करेंगे, उन्होंने भाजपा से कहा कि वह देखे कि किसकी छवि सबसे बेदाग है.

Advertisement

केरल के पूर्व न्यायमूर्ति एस. आर. बानुरमथ के नाम को अस्वीकृत करने के बाद भारद्वाज ने कहा कि उन्हें बहुत सोच-विचार कर नियुक्ति करनी है क्योंकि लोकायुक्त जांच और भ्रष्टाचार निरोध के मामले में ‘एक महत्वपूर्ण’ संस्था है.

राज्यपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने एक विस्तृत पत्र के जरिए सरकार को सुझाव दिया है और आशा करता हूं कि यह बात उनके दिमाग में आ गई होगी. लेकिन मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो गलत व्यक्ति की नियुक्ति कर दे.’

भाजपा सरकार के साथ हमेशा नोकझोंक में उलझे रहने वाले भारद्वाज का कहना है, ‘उन्हें न्यायमूर्ति (संतोष) हेगड़े को दोबारा नियुक्त करने दो. मैं एक मिनट में हस्ताक्षर कर दूंगा. उन्हें किसी ऐसे न्यायाधीश को नियुक्त करने दो जो बेदाग छवि का हो.’ राज्यपाल ने हाल ही में सरकार को पत्र लिख कर सलाह दी थी कि बानुरमथ के खिलाफ मामलों को देखते हुए वह इस पर दोबारा विचार करें. बानुरमथ पर नियमों का उल्लंघन करते हुए भूमि का आवंटन करने का आरोप है.

राज्य में लोकायुक्त का पद पिछले दो महीने से खाली है. इससे पहले उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश वी. शिवराज पाटिल ने छह सप्ताह तक पद संभालने के बाद भूमि संबंधी मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगने पर सितंबर में इस्तीफा दे दिया था.

Advertisement

पाटिल से पहले हेगड़े वहां के लोकायुक्त थे. उनका पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद वह अगस्त में सेवानिवृत हो गए थे.

Advertisement
Advertisement