लोकसभा में जब ने पेश किया तो सबको उम्मीद थी कि यात्रियों की सुख-सुविधा और सेहत का पूरा ख्याल रखा जाएगा और ममता बनर्जी ट्रेन में मिलने वाले खाने का स्तर सुधारने की खास तौर पर कोई ना कोई घोषणा जरूर करेंगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
ममता बनर्जी ने अपने रेल बजट में नई ट्रेनों की घोषणा की. दीदी ने हजारों नई भर्तियां करने का भी ऐलान कर दिया. जम्मू-कश्मीर से लेकर बंगाल तक ममता बनर्जी ने घोषणाओं का पिटारा खोल दिया. किराया ना बढ़ाकर लोगों को राहत भी दे दी. लेकिन रेलवे के घटिया खाने और उससे बिगड़ती लोगों की सेहत पर कुछ भी नहीं कहा.
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने अपने रेल बजट से लोगों की सेहत को सिरे से आउट कर दिया. ममता दीदी भूल गईं कि रेलवे में मिलने वाले खाने का स्तर सुधारना जरूरी है. क्योंकि ट्रेन की पैंट्री कार में पकने वाला खाना बेहद खराब स्तर का होता है. यही नहीं, जैसी गंदगी में खाना पकता है, वो बीमारी को न्यौता देता है.
ममता जी, पूरे रेल बजट में अगर रेलवे के घटिया होते जा रहे खाने की बात ही ना हो. वो भी ऐसा खाना जो आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ कर रहा हो और आप कहें कि रेलवे को यूं ही बदनाम किया जाता है. अब आप ही बताइये, कि रेलवे के घटिया खाने के कसीदे आखिर कैसे पढ़े जा सकते है.