ऐतिहासिक अनशन के बाद अपने पहले इंटरव्यू में अन्ना हजारे ने मनमोहन सिंह को कठपुतली प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि अनशन से पहले उनकी गिरफ्तारी के पीछे चिदंबरम का हाथ था.
चिदंबरम पर आरोप लगाते हुए अन्ना ने कहा सरकार की मंशा उन्हें हेलिकॉप्टर से रालेगण सिद्धि भेज देने की थी.
अन्ना हजारे ने एक बार फिर दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि दिग्विजय मानसिक तौर पर बीमार हैं और उन्हें अपना इलाज करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि आरएसएस और संघ के उनके संबंधों के जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो पूरी तरह गलत हैं और कांग्रेस उनपर बेवजह आरोप लगा रही है.
आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में अन्ना ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है. जब उनसे पूछा गया कि रामलीला मैदान में इतना बड़ा आंदोलन हुआ और आरोप लग रहे हैं कि इतने बड़े आयोजन के लिए पैसा कहां से आया, इसपर अन्ना ने कहा कि पूछने वाले मुझसे सीधे सीधे पूछें. अन्ना ने कहा कि दूर से क्यों पूछते हैं मैं सामने हूं मुझसे पूछो, एक एक पैसे का हिसाब दे दूंगा.
अन्ना से जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर रथयात्रा के विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो इसका समर्थन नहीं करते. अन्ना ने कहा कि आडवाणी रथ यात्रा निकालने जा रहे हैं लेकिन उन्हें पहले बीजेपी शासित राज्यों में लोकपाल बिल लाने के लिए पहल करनी चाहिए.
उन्होंने सभी राज्यों से अपने यहां लोकायुक्त की नियुक्ति करने की भी अपील की. अन्ना ने यह भी कहा कि सरकार के कुछ मंत्री खुद को पीएम समझते हैं.