सरकार की ओर से पेश किए गए लोकपाल विधेयक को छलपूर्ण बताते हुए अन्ना हजारे ने कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि समाज के सदस्यों द्वारा तैयार जनलोकपाल विधेयक के मसौदे के अनुसार एक कानून नहीं बनाया जाता.
अपनी कोर कमेटी के सदस्यों की दो दिवसीय बैठक के बाद हजारे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सरकारी लोकपाल विधेयक कपटपूर्ण है. अगर सरकार के मसौदे के आधार पर कानून पारित किया जाता है तो भ्रष्टाचार बढ़ेगा.’’
उन्होंने कहा कि हम यह भी देखेंगे कि स्थायी समिति का कौन सदस्य जनलोकपाल विधेयक का विरोध करता है. हजारे ने कहा कि इस तरह के सदस्यों के आवास का घेराव किया जाएगा.
उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को उनके आवास के सामने धरने पर बैठना चाहिए और रघुपति राघव राजा राम गुनगुनाना चाहिए.’’ हजारे ने कहा कि वह जनलोकपाल विधेयक का विरोध करने वाले सांसदों के खिलाफ 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचार करेंगे.
हजारे ने कहा, ‘‘मैं उन संसदीय क्षेत्रों का दौरा करूंगा जहां से ये सांसद दोबारा निर्वाचन के लिए मैदान में उतरेंगे और लोगों से उनके लिए मतदान नहीं करने की अपील करूंगा.’’
अन्ना हजारे ने कहा कि दूसरा स्वतंत्रता संग्राम शुरू हो गया है. हजारे ने कहा, ‘‘अंतत: जीत हमारी होगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की सफलता के पीछे हजारे नहीं बल्कि ईश्वर हैं.’’
उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की मशाल को तब तक बुझने न दें जब तक कि देश भ्रष्टाचार से छुटकारा नहीं पा लेता. हजारे ने यह भी घोषणा की कि अपने स्वास्थ्य में सुधार के बाद अगले महीने वह समूचे देश की यात्रा शुरू करेंगे.
रामलीला मैदान में अपने अनशन के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘संप्रग सरकार में पांच से छह लोग ऐसे हैं जो खुद को प्रधानमंत्री समझते हैं. मेरे 12 दिनों के अनशन के दौरान कोई भी फैसला लेने के लिए नहीं था. सोनिया गांधी विदेश में थीं. सरकार की स्थिति विचित्र हो गई थी.’’