जयपुर के पूर्व राजघराने के राजकुमार पद्मनाभ सिंह ने बालिग होते ही महाराजा के तौर पर रियासत का कामकाज संभाला. इस मौके पर पूर्व महाराज के दरबार में 700 ताजीमी सरदार, ठिकानेदार और जमींदारों ने हिस्सा लिया.
सबसे छोटे राज प्रमुख बने पद्मनाभ सिंह
राजदरबार की इस रस्म को पूरे शाही शानो-शौकत के साथ सिटी पैलेस में मनाया गया. महाराज सवाई पद्मनाभ सिंह अबतक के सबसे छोटे राज प्रमुख बने हैं. 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद इन्हें राज प्रमुख बनाया गया है.
पूर्व महारानी संभाल रही थीं कामकाज
6 साल पहले पद्मनाभ सिंह 12 साल की उम्र में जयपुर के पूर्व महाराज भवानी सिंह के निधन के बाद राज के उत्तराधिकारी बनाए गए थे, मगर नाबालिग होने की वजह से राजघराने का काम पूर्व महारानी पद्मिनी देवी संभाल रही थीं.
जयगढ़ किले के गार्डों ने दी सलामी
बालिग होने के बाद पद्मनाभ सिंह ने दरबार हाल में अपनी पूर्व रियासत की दरबार लगाई, जहां 700 ताजीमी सरदार, ठिकानेदार, जमींदारों और सेठों ने पूर्व महाराज के नजर पेश किया. ऋद्धि-सिद्धि पोल पर बहन गौरवी ने आरती उतारी और जयगढ़ किले के गार्डों ने सलामी दी.
राजनीति में आकर देश की सेवा करेंगे पद्मनाभ सिंह
इस मौके पर पद्मनाभ सिंह ने कहा कि जयपुर की जनता का में आभारी रहूंगा और फिलहाल पढ़ने पर ध्यान दूंगा. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि आगे राजनीति में आकर देश की सेवा करूंगा क्योंकि लोग राजपरिवार की तरफ उम्मीदों से देखते हैं.
सभी ट्रस्टों के अध्यक्ष बने पद्मनाभ
इससे पहले सवाई मानसिंह द्वितीय जब 18 साल के हुए थे, तो इस तरह से उन्होंने भव्य तरीके से रियासत का काम संभाला था. अब जयपुर राज परिवार का हर काम पद्मनाभ सिंह के माध्यम से होगा और अब वे सभी ट्रस्टों के अध्यक्ष भी हो गए हैं.
लंदन में पढ़ाई कर रहे हैं पद्मनाभ सिंह
राजपरिवार का कहना है कि वो इस तरह से राज प्रमुख इसलिए बनाए गए है, ताकि वे अपनी परंपरा को कायम रख सकें और आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति को समझे. पद्मनाभ सिंह जयपुर के पूर्व महाराजा ब्रिगेडियर सिंह की बेटी दिया कुमारी की बेटे हैं और फिलहाल लंदन में पढ़ाई कर रहे हैं.