गुजरात से तड़ीपार किए गए हार्दिक पटेल राजस्थान सरकार के उदयपुर में अपने घर में नजरबंद करने जैसे हालात से इतने खफा हैं कि डाक से एफआईआर भेजकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया है. दरअसल हार्दिक पटेल ने रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से उदयपुर के प्रतापनगर थाने में एक एफआईआर दी है. इस एफआईआर में हार्दिक ने उदयपुर रेंज के आईजी आनंद श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक आरपी गोयल, एएसपी सिटी सुधीर जोशी, डिप्टी भगवत सिंह हिंगड़, माधुरी वर्मा और प्रतापनगर और भूपालपुरा थानाधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है.
बंधक बनाकर रखने का आरोप
पटेल आरक्षण के संयोजक हार्दिक पटेल का आरोप है कि इन सभी ने उन्हें एक घर में बंधक बनाकर रखा हुआ है. वहीं उदयपुर पुलिस ने हार्दिक पटेल पर की गई सख्ती को गुजरात हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इसे जायज ठहराया है. हालांकि मामला उच्च अधिकारियों के खिलाफ होने की वजह से प्रतापनगर पुलिस हार्दिक पटेल द्वारा दी गई एफआईआर को दबाने की कोशिश में जुटी हुई है. प्रतापनगर थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि रजिस्टर्ड डाक से हमें शिकायत मिली है इस मसले पर उच्चधिकारियों से विचार-विमर्श कर तय किया जाएगा.
हार्दिक ने बीजेपी नेता पर साधा निशाना
गौरतलब है कि राजस्थान में में नए नियम के तहत पुलिस को डाक से मिले दर्ज करनी होती है. हार्दिक पटेल का आरोप है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के इशारे पर राजस्थान सरकार और उदयपुर पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर रही है. मंदिर जाने और टोल बुथ पर विवाद के मामले में दो बार झूठे मुकदमे दर्ज करवा चुकी है. घर के बाहर तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं और पुलिस बैठा दी है. उधर राजस्थान के गृह मंत्री ने कहा है कि हार्दिक पटेल कुछ भी कहें सरकार गुजरात हाईकोर्ट के आदेशों की पालन कर रही है. इससे पहले हार्दिक पटेल ने कटारिया और अमित शाह पर अपना एनकाउंटर करवाने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया था.