पंजाब में बढ़ती ड्रग्स तस्करी और नशे की लत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो राज्य की युवा पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो सकती है.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बन चुका है.
सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने साफ चेतावनी दी कि अगर ड्रग्स की तस्करी, नशीले पदार्थों का अवैध निर्माण और बिक्री नहीं रुकी, तो स्थानीय पुलिस अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा.
पीठ ने नकली और अवैध शराब के कारोबार पर भी चिंता जताई. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे पंजाब की हर गली में देसी शराब की अवैध भट्टियां चल रही हों.
यह भी पढ़ें: 'नशों के विरुद्ध युद्ध' अभियान में पंजाब पुलिस का कारनामा, हेरोइन की रिकवरी में 187% की बढ़ोतरी
सुप्रीम कोर्ट ने बॉर्डर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया. कोर्ट ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और अगर बॉर्डर स्टेट ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो पूरे देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो जाएंगे.
कोर्ट की इन टिप्पणियों को पंजाब में बढ़ती ड्रग्स समस्या पर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है. लंबे समय से राज्य में नशे के नेटवर्क, तस्करी और युवाओं में बढ़ती लत को लेकर चिंता जताई जाती रही है. अब सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है कि वे इस समस्या के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करें.
बता दें कि मौजूदा समय में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है. भगवंत मान प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. अगले साल अब यहां विधानसभा चुनाव होगी.