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जालंधर उपचुनावः कांग्रेस-AAP के बाद BJP ने किया कैंडिडेट का ऐलान, क्या कांग्रेस की जमीन पर कमल खिला पाएंगे इंदर इकबाल सिंह?

जालंधर लोकसभा सीट पर 10 मई को मतदान होगा, जबकि 13 मई को नतीजे आएंगे. इस सीट से बीजेपी ने पूर्व विधायक इंदर इकबाल सिंह अटवाल को मैदान में उतारा है. अटवाल शिरोमणि अकाली दल का साथ छोड़ चार दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हुए थे. इससे पहले कांग्रेस ने संतोख सिंह चौधरी की पत्नी करमजीत कौर जबकि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के पूर्व विधायक सुशील कुमार रिंकू को अपना उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के सांसद संतोख सिंह के निधन के बाद हो रहा है.

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इंदर इकबाल सिंह अटवाल ने हाल ही में बीजेपी का दामन थामा था (फाइल फोटो- ट्विटर BJP)
इंदर इकबाल सिंह अटवाल ने हाल ही में बीजेपी का दामन थामा था (फाइल फोटो- ट्विटर BJP)

जालंधर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बाद बीजेपी ने भी अपने कैंडिडेट के नाम का ऐलान कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने अकाली दल के पूर्व विधायक इंदर इकबाल सिंह अटवाल को कैंडिडेट बनाया है. BJP की ओर से ये घोषणा नॉमिनेशन से ठीक एक दिन पहले की गई है. इससे पहले कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल भी कैंडिडेट का ऐलान कर चुके हैं.

उपचुनाव के लिए नॉमिनेशन की प्रक्रिया गुरुवार यानी आज से शुरू होगी. पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने कहा कि चुनाव के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी की जाएगी और नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी तारीख 20 अप्रैल होगी. सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा के बाद चुनाव अभियान शुरू कर दिया है.

कौन हैं इंदर इकबाल सिंह?

पूर्व विधायक इंदर इकबाल सिंह अकाली नेता चरणजीत सिंह अटवाल के बेटे हैं. इंदर इकबाल ने 2002 में कूमकलां सीट से विधानसभा चुनाव जीता था. हालांकि वह 2007 और 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में हार गए थे. अटवाल चार दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हुए थे. वह शिरोमणि अकाली दल से विधायक रह चुके हैं. दरअसल, इंदर इकबाल वाल्मीकि मजहबी सिख परिवार हैं, उनके जरिए बीजेपी ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है. उधर, इंदर के पिता चरणजीत अटवाल 2004 से 2009 तक लोकसभा के डिप्टी स्पीकर रहे और 2 बार पंजाब विधानसभा के स्पीकर रहे. उन्होंने कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी के खिलाफ जालंधर सीट से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन चुनाव हार गए थे. उन्होंने करतारपुर और फिल्लौर सीट से 2 बार राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके थे. 

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बीजेपी से कौन-कौन था रेस में?


जानकारी के मुताबिक टिकट की दौड़ में बीजेपी के महासचिव राजेश बाघा, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष राज कुमार वेरका और कांग्रेस सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव अविनाश चंदर थे.

जालंधर सीट पर क्यों हो रहा उपचुनाव?

इसी साल जनवरी में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 76 साल की उम्र में जालंधर से कांग्रेस के सांसद संतोख सिंह चौधरी का निधन हो गया था. इसी वजह से यहां उपचुनाव होने जा रहा है. 

कांग्रेस- AAP और अकाली दल ने किसे दिया टिकट?

कांग्रेस ने जालंधर सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए संतोख चौधरी की पत्नी करमजीत कौर को टिकट दिया है, तो वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के पूर्व विधायक सुशील कुमार रिंकू को अपना उम्मीदवार बनाया है. रिंकू की उम्मीदवारी की घोषणा AAP का दामन थामने के एक दिन बाद की गई थी. सुशील कुमार को पंजाब कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्काषित किया था. वहीं शिरोमणि अकाली दल ने बंगा से विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी को उम्मीदवार बनाया है. 

ये है इलेक्शन प्रोग्राम

नॉमिनेशन की लास्ट डेट-  20 अप्रैल

डॉक्यूमेंट्स वैरिफिकेशन- 21 अप्रैल

नाम वापस लेने की लास्ट डेट- 24 अप्रैल 

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वोटिंग की डेट- 10 मई

परिणाम- 13 मई
 

 

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