आज तक ने कन्हैया लाल की हत्या के सबसे बड़े चश्मदीद से बात की. वो दो चश्मदीद जो उस वक्त कन्हैया की दुकान में मौजूद थे. आपने हत्यारे के कुर्ते की नाप की तस्वीर देखी, हत्या की तस्वीर देखी लेकिन किस तरह उन्होंने कन्हैया को बातों में उलझाया किस तरह अचानक हमले के लिए हथियार निकाला, ये चश्मदीदों ने बताया. अचानक हुए हमले से कन्हैया को संभलने का मौका नहीं मिला. वहीं बीच बचाव करने गए दोनों चश्मदीद पर भी आतंकियों ने हमला कर दिया. हमलावर वहां से फरार हो गए. कोई बीच बचाव करने नहीं आया. कन्हैया ने अपने साथियों को बताया कि उसके बेटे ने गलती से नूपुर के समर्थन की पोस्ट डाल दी थी, जिसके बाद से ही लगातार धमकियां मिल रही थी.
Aaj Tak spoke to the eyewitness of Kanhaiya Lal's murder. Two eyewitnesses were present in Kanhaiya's shop at that time. Kanhaiya did not get a chance to recover from the sudden attack. Both the eyewitnesses who went to the rescue were also attacked by the terrorists.