संसद में चीन पर हुए हंगामे की जड़ 29-30 अगस्त 2020 की उस घटना से जुड़ी है, जब भारतीय सेना ने सुनियोजित रणनीति के तहत कैलाश रेंज की चोटियों पर कब्जा कर लिया था. गलवान संघर्ष के बाद चीन के तेवर खतरनाक थे और पूरी दुनिया देख रही थी कि भारत क्या कदम उठाएगा. भारतीय सैन्य कमांडरों ने खुफिया रिपोर्टों और चुशुल घाटी की अग्रिम चौकियों से मिले संकेतों के आधार पर मुखपारी, रेज़ांग ला और रेचिन ला चोटियों पर सैनिकों को तैनात कर दिया. 1962 के युद्ध के बाद पहली बार भारतीय सेना कैलाश पर्वतमाला पर तैनात हुई और मोल्डो गैरीसन पर सीधी नज़र रख सकी. इस कदम से चीन स्तब्ध रह गया और भारत की रणनीति ने उसे बैकफुट पर डाल दिया. आगे इसका परिणाम डिसइंगेजमेंट के रूप में सामने आया.