केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में नई सरकार चुनने के लिए 70 विधानसभा सीटों के साथ ही उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव का शोर मतदान के साथ ही थम गया है. अब चुनाव नतीजों की बारी है. दिल्ली चुनाव और मिल्कीपुर उपचुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे लेकिन उससे पहले विपक्षी इंडिया ब्लॉक के औचित्य और भविष्य को लेकर फिर से बहस छिड़ गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बाद लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) से लेकर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) तक, इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के निशाने पर कांग्रेस है.
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कांग्रेस को विचार करने की नसीहत दी है. उन्होंने कहा है कि हरियाणा हो या महाराष्ट्र, हर जगह कांग्रेस हार जाती है. कीर्ति आजाद ने कहा है कि इंडिया गठबंधन का मुखिया कांग्रेस को बने रहना चाहिए या नहीं, ये हमें सोचना होगा. वहीं, सपा के महासचिव और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि दिल्ली में कांग्रेस भी बीजेपी की भाषा बोल रही थी. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि जिसको भी अहंकार हो जाता है, वह विनाश की ओर जाता है.
रामगोपाल यादव ने कहा कि कांग्रेस को अगर अहंकार नहीं हो जाता तो हरियाणा में हमें भी एक-दो सीट दे सकती थी. इंडिया गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस कर रही थी, उनकी जिम्मेदारी थी कि इंडिया गठबंधन की मीटिंग हो, आगे की रणनीति बने. उन्होंने यह भी कहा है कि इंडिया गठबंधन का नेतृत्व बदलने को लेकर भी चर्चा चल रही है. रामगोपाल यादव ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से मेरा अपना मानना है कि एक बार नेतृत्व बदल दिया जाए और उसको देख लिया जाए. यूपी में कांग्रेस का कुछ है नहीं.
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उन्होंने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव में कुछ उम्मीदवार हमारे हैं जो हमने कांग्रेस को दिया और इसकी वजह से ही जीत हुई. सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के बयान पर सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि वे बड़े नेता हैं. उनको (रामगोपाल यादव को) बहुत अनुभव है. वीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी मानती है कि रामगोपाल यादव ने जो कहा है, वह पूरी तरह से सही है. टीएमसी के बाद अब सपा के भी खुलकर मोर्चा खोल देने से इंडिया ब्लॉक में नेतृत्व को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है.
कांग्रेस की भी आई प्रतिक्रिया
सपा और टीएमसी सांसदों के बयान पर अब कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आ गई है. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और उच्च सदन में पार्टी के डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने रामगोपाल यादव के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी बीजेपी की भाषा नहीं बोलती है. उन्होंने ये भी कहा कि हमारा जो गठबंधन उत्तर प्रदेश में था, हमने उसका ईमानदारी से पालन किया है. प्रमोद तिवारी ने ये भी कहा कि हमने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को समेट दिया. सपा को फायदा हुआ है.