प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए 97 मिनट का लंबा और आक्रामक भाषण दिया. विपक्ष के हंगामे के कारण वह एक दिन पहले लोकसभा में भाषण नहीं दे पाए थे, लेकिन राज्यसभा में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और विपक्ष की राजनीति पर खुलकर बात की. प्रधानमंत्री का ये भाषण केवल एक संसदीय वक्तव्य नहीं था बल्कि ये राजनीतिक आत्मविश्वास, वैचारिक आक्रमण और राष्ट्रवादी संकल्प का 360 डिग्री प्रदर्शन था.
इस भाषण में इतिहास की धूल से लेकर भविष्य की नींव तक की पूरी यात्रा समाई हुई थी. साथ ही ये भाषण उस विपक्ष के लिए भी एक कड़ा संदेश था जो प्रधानमंत्री मोदी की कब्र खोदने के नारे लगाता है. संक्षेप में कहें तो ये भाषण इतिहास की झांकी भी था और भविष्य का ब्लूप्रिंट भी, जहां शब्द केवल वाक्य नहीं थे बल्कि राजनीतिक मारक क्षमता से लैस संकल्प बाण थे.
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझता तो लोकसभा में कल (बुधवार) वो घटना नहीं होती, जिसने भारत की संवैधानिक व्यवस्था का अपमान किया. ये वही घटना है, जिसमे कांग्रेस की 6 महिला सांसद हंगामा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की कुर्सी तक पहुंच गई थीं और इसके बाद ऐसा पहली बार हुआ था, जब लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी भाषण नहीं दे पाए थे.
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ट्रेड डील का जिक्र कर कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की 12 साल की उपलब्धियां गिनवाईं और अपने भाषण के जरिए ये बताने की कोशिश की कि इन उपलब्धियों की चकाचौंध की वजह से ही विपक्ष निराशा के अंधेरे में खो गया है. उन्होंने कहा कि उनके पास देश के 140 करोड़ लोगों का सुरक्षाकवच है और विपक्ष झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि को खराब नहीं कर पाएगा, क्योंकि मोदी देश के 140 करोड़ लोगों को समाधान मानता जबकि कांग्रेस देश के लोगों को समस्या मानती है.
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष ने अगर आइना देख लिया तो वो अपनी सच्चाई कहां छिपाएगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब देश में कांग्रेस, TMC, लेफ्ट और DMK की सरकारें थीं, तब डील के नाम से लोगों को बोफोर्स की याद आती थी लेकिन आज जब देश में डील शब्द की चर्चा होती है तो ये लोगों के लिए गौरव का क्षण होता है. इस बात को कहकर प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दो हफ्तों में यूरोपीयन यूनियन और अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील पर देश को बड़ा संदेश दे दिया है और ये भी बता दिया है कि इस मामले में उनकी सरकार अभी रुकने वाली नहीं है.
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीति में जनता समाधान है, जबकि कांग्रेस जनता को समस्या के रूप में देखती रही है. इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक पुराने बयान का भी उल्लेख किया. यहां उन्होंने उस कथन की भी चर्चा की, जिसका इस्तेमाल कांग्रेस की सरकारों में खूब होता था. ये कथन था, 'India Miss The Bus', जिसका मतलब ये था कि भारत अपने सभी अवसर से चूकता जा रहा है. और ये बात साल 1986 में अमेरिका के एक मशहूर अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में भी लिखी गई थी.
'अब भारत किसी बस को पकड़ने से चूकता नहीं'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत किसी बस को पकड़ने से चूकता नहीं है बल्कि अब भारत काफिले का नेतृत्व करता है. उन्होंने ये भी कहा कि अब पूरी दुनिया नए वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ बढ़ रही है, जिसमें सबका झुकाव भारत की तरफ है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब पीछे देखने या रुकने वाला देश नहीं है, बल्कि तेजी से आगे बढ़ते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री के भाषण के दो हिस्से थे. एक हिस्सा में प्रधानमंत्री मोदी ने ये बताया कि भारत कैसे Reform Express में सवार हो चुका है और अब भारत को दुनिया नजर-अंदाज नहीं कर सकती और दूसरे हिस्से में उन्होंने विपक्ष के आरोपों को जवाब दिया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष उनकी आलोचना नहीं करता, बल्कि विपक्ष उन पर सिर्फ आरोप लगाता है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर चुन-चुनकर निशाना साधा.
उन्होंने आर्थिक मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ‘फ्रैजाइल-5’ देशों की सूची से निकलकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में उच्च विकास दर और नियंत्रित महंगाई अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है. उन्होंने यह भी कहा कि इस सदी का दूसरा चरण भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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2047 का बार-बार जिक्र करने का भी बताया कारण
गौरतलब है कि हाल ही में 1 फरवरी को जब भारत का केन्द्रीय बजट पेश हुआ था, तब सरकार ने कहा था कि ये बजट 2047 के मजबूत और विकसित भारत की नींव बनेगा और तब विपक्ष ने इसके लिए सरकार का काफी मजाक उड़ाया था और ये कहा था कि देश को 2047 के बजट की कोई आवश्यकता नहीं है. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसके पीछे का गणित भी समझाया.
उन्होंने कहा कि जैसे भारत के महान क्रान्तिकारियों ने देश की आजादी के लिए सालों पहले अपना बलिदान दिया और भारत की स्वतंत्रता की रूपरेखा खींची, ठीक उसी तरह उनकी सरकार ना सिर्फ आज के लिए भारत को तैयार कर रही है बल्कि 2047 के भारत की नींव मजबूत कर रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद ये बहस खत्म हो जाएगी कि सरकार बार-बार 2047 का जिक्र क्यों करती है.
राहुल गांधी का नाम लिए बिना साधा निशाना
पीएम मोदी ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए ये कहा कि केन्द्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का अपमान पूरे सिख समाज का अपमान है और इससे ये भी पता चलता है कि कांग्रेस के अंदर कूट-कूट कर सिखों के खिलाफ नफरत भरी हुई है. ये बयान बुधवार की उस घटना पर आया है, जिसमें राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को 'अपना गद्दार यार' बताया था, जबकि रवनीत सिंह बिट्टू ने इसके जवाब में राहुल गांधी को 'देश का दुश्मन' कहा था.
पीएम ने कहा, "इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज (राहुल गांधी) ने गद्दार कह दिया. अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका. कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं, किसी और को नहीं कहा. ये सिख थे. ये सिखों का, गुरुओं का अपमान था. सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी के कारण कल कहा."
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस भाषण से ये भी स्पष्ट कर दिया कि अगर विपक्ष मोदी की कब्र खोदने की बात करेगा तो मोदी भी कांग्रेस और विपक्ष के कारनामों को खोद-खोद कर निकालेंगे. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कि वो अपनी सरकारों में Startup कल्चर को प्रोत्साहित नहीं कर पाई और Startup कल्चर छोड़िए, वो अपने परिवार के पॉलिटिकल Startup को भी ऊपर नहीं जा पाई और इसलिए कांग्रेस कितने भी नारे लगा ले लेकिन वो मोदी की कब्र नहीं खोद पाएगी. इसी भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी परिवार पर महात्मा गांधी का सरनेम चुराने का आरोप लगाया और ये कहा कि अब देश की जनता बहुत समझदार हो चुकी है.
बंगाल और जम्मू-कश्मीर का भी किया जिक्र
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खुद सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने पर भी निशाना साधा. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इस घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि भारत के नौजवानों और आदिवासियों का हक छीनने वाले घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव बनाया जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उस वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें बर्फिले पहाड़ों के बीच वंदे भारत ट्रेन चल रही है और लोग इस वीडियो को देखकर ये कह रहे हैं कि क्या ये तस्वीरें वाकई में भारत की हैं या ये स्विट्ज़रलैंड से आई है. ये वीडियो उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन का है, जिसका उद्घाटन पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी ने किया था और ये योजना भी कांग्रेस के जमाने से लटकी हुई थी.