वीडी सतीशन केरलम के नए मुख्यमंत्री होंगे. कांग्रेस पार्टी की तरफ से गुरुवार को उनके नाम का फाइनल ऐलान किया गया. गुरुवार को केरल की एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने उनके नाम की घोषणा की. सतीशन के चुने जाने का मतलब साफ है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का पत्ता कट गया है.
केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे बाकी चार राज्यों के साथ 4 मई को घोषित हुए थे. बाकी राज्यों में मुख्यमंत्रियों के नामों का ऐलान के साथ-साथ शपथ भी हो चुकी है, लेकिन केरलम में 10 दिन बाद भी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं किया था.
इस देरी की वजह आपसी खींचतान थी. दरअसल, कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन दावेदार थे. इसमें वीडी सतीशन के अलावा केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला का नाम चल रहा था. तीनों के समर्थक अपनी तरफ से जोर लगा रहे थे.
कांग्रेस विधायक दल के अधिकांश सदस्य कथित तौर पर वेणुगोपाल को सीएम बनाना चाहते थे, लेकिन एआईसीसी महासचिव सतीशन को 2022 में पार्टी की चुनावी हार के बाद पिछले पांच वर्षों में पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरने के बाद व्यापक जनसमर्थन प्राप्त था. मतलब कार्यकर्ता उनको पसंद करते हैं.
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दूसरी तरफ वेणुगोपाल को नव निर्वाचित विधायकों के बहुमत का समर्थन प्राप्त था, जिनमें से कई उनके प्रति वफादार माने जाते हैं, साथ ही गांधी परिवार के साथ उनकी करीबी भी एक फैक्टर थी.
छठी बार के विधायक हैं वीडी सतीशन
वीडी सतीशन परावुर (Paravur) विधानसभा सीट से जीते हैं. वो छठी बार विधायक बने हैं. 2026 चुनाव में उन्होंने 20,600 वोटों से जीत हासिल की थी. पार्टी के नेतृत्व वाले मोर्चे की 102 सीटों की शानदार जीत का श्रेय सतीशन को ही दिया जा रहा है. उन्होंने काफी आक्रामक चुनाव प्रचार किया और एक व्यापक गठबंधन बनाया.
भ्रष्टाचार के आरोपों, शासन संबंधी मुद्दों और आर्थिक चिंताओं को लेकर पिनारयी विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार पर हमले की रणनीति भी उन्होंने ही तैयार की थी.
राहुल ने सुबह केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की
इस रस्साकशी को खत्म करने के लिए अलग-अलग मंथन चल रहा था. गुरुवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा से पहले पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ फाइनल राय-मशवरा किया था.
खड़गे के साथ हुई चर्चा में एआईसीसी की महासचिव प्रभारी दीपा दासमुंशी और दो वरिष्ठ पर्यवेक्षक- अजय माकन और मुकुल वासनिक शामिल थे. इन तीनों ने हाल ही में सभी नवनिर्वाचित विधायकों से बातचीत की थी और उनके मन की बात जानी थी.
राहुल गांधी ने बुधवार शाम को खड़गे के साथ 30 मिनट की बैठक की, जिसमें पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर चर्चा हुई. इसके बाद राहुल ने गुरुवार सुबह एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि राहुल की तरफ से वेणुगोपाल को मनाया गया कि वो पीछे हट जाएं. केरल कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी आज बाद में होने वाली है.
केरल में कांग्रेस गठबंधन के पास 102 सीट
बता दें कि केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है. केरल विधानसभा में कांग्रेस के पास 140 सदस्यों में से 63 विधायक हैं. इसके सहयोगी दलों इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पास 22, केरल कांग्रेस (केईसी) के पास आठ और क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी) के पास तीन विधायक हैं.