कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक शनिवार शाम 4 बजे बुलाई गई है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है. इसके साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से पूरी हो जाएगी.
सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी
सूत्रों के मुताबिक, विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. कांग्रेस नेतृत्व ने सत्ता हस्तांतरण की रूपरेखा लगभग तय कर ली है और अब केवल औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं. जानकारी के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 3 जून को आयोजित किया जा सकता है. शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर पार्टी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा चल रही है. कांग्रेस चाहती है कि सत्ता परिवर्तन का कार्यक्रम भव्य लेकिन सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो.
नई सरकार में बन सकते हैं दो डिप्टी सीएम
राज्यपाल से मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार के एक बार फिर दिल्ली जाने की संभावना है. वहां वह कांग्रेस हाईकमान के साथ नई कैबिनेट के गठन और मंत्रियों के चयन को लेकर अंतिम दौर की बातचीत करेंगे. पार्टी नेतृत्व मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ विभिन्न गुटों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है.
सूत्रों का यह भी कहना है कि नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इससे राज्य के विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को संतुलित प्रतिनिधित्व दिया जा सकेगा. हालांकि उपमुख्यमंत्रियों के नामों को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ दिनों से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चली लंबी कवायद अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. ऐसे में आज की सीएलपी बैठक और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि नई सरकार के गठन के साथ ही कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी काम शुरू कर देगी.