हरियाणा राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नंगल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब मैदान में तीन उम्मीदवार हैं. इसके साथ ही हरियाणा राज्यसभा चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है.
इस सीट पर पहले से ही बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध मैदान में हैं, लेकिन सतीश नंगल ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ ताल ठोक कर सबको हैरान कर दिया है. अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए वोटों का गणित बैठाना चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि निर्दलीय के रूप में नामांकन के वक्त उनके साथ स्वतंत्र विधायक सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान और राजेश जून मौजूद थे.
संजय भाटिया बीजेपी से करनाल के सांसद रह चुके हैं और उन्हें पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर का करीबी माना जाता है और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है. उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी और कई बीजेपी विधायकों की मौजूदगी में अपना पर्चा दाखिल किया.
कांग्रेस ने अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले करमवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा है. करमवीर बौद्ध हरियाणा विधानसभा के पूर्व सचिव रह चुके हैं और दलित अधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं. हाल ही में हुए कुछ विवादास्पद मामलों में भी उनकी भूमिका चर्चा में रही. कांग्रेस ने उन्हें एक मजबूत दलित चेहरा के रूप में चुना है, ताकि जातिगत समीकरणों को संतुलित किया जा सके.
कौन हैं सतीश नंगल
सतीश नंगल रोहतक के रहने वाले हैं और वे पहले INLD में थे, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए. साल 2019 विधानसभा चुनाव में उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ गरही-संपला-किलोई सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. हालांकि, वो जीत नहीं पाए.
16 मार्च को होगा मतदान
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान होगा. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नंगल को किन विधायकों का गुप्त समर्थन प्राप्त होता है.